
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम में चार साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने पिता, बेटे और काका को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक पर 16,800 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। यह फैसला सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने सुनाया। खास बात यह है कि उक्त हत्या के मामले में फरियादी और आरोपी पक्ष के बीच लिखित समझौता भी हुआ, जिसे अदालत में प्रस्तुत किया गया। लेकिन अदालत ने पुलिस जांच, गवाहों के बयान, सबूत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इसे गंभीर अपराध मानते हुए आरोपियों भेरूलाल (54), नानालाल उर्फ रतनलाल (52) और मुकेश (22), तीनों निवासी ग्राम कमेड़, थाना बिलपांक को उम्रकैद की सजा सुनाई।


अपर लोक अभियोजक के अनुसार 5 जून 2021 को फरियादी बलराम अपने दादा शंभुलाल और मामा अमरसिंह के साथ ग्राम धनसेरा में खेत पर आम के पेड़ से केरी तोड़ने गए थे। उसी दौरान गांव के ही भेरूलाल, उसके भाई नानालाल और बेटे मुकेश पहुंचे और पेड़ पर अपना हक जताते हुए केरी तोड़ने से मना किया। विवाद बढ़ा तो तीनों ने मारपीट शुरू कर दी और शंभुलाल के सिर पर तलवार से हमला कर दिया। घटना के बाद बलराम ने अपने पिता को बुलाया और 108 एम्बुलेंस से घायल शंभुलाल को जिला अस्पताल रतलाम ले जाया गया, जहां से उन्हें अहमदाबाद रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बिलपांक थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में हत्या का अपराध सिद्ध होने पर आरोपियों के खिलाफ धारा 324, 302 और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(बी) के तहत चालान पेश किया गया।




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