रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। जिले में किसानों के साथ धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। खरपतवार को नष्ट करने के लिए खरीदी गई दवा ने उल्टा असर दिखाया। खरपतवार जस के तस रहे, जबकि सोयाबीन की फसल सूखकर बर्बाद हो गई।
पिपलौदा विकासखंड के कृषि विकास अधिकारी ब्रजमोहन सोलंकी ने इस संबंध में प्रतिवेदन पिपलौदा पुलिस थाने में दिया था। प्रतिवेदन में ‘बायोक्लोर’ से नुकसान होने के मामले में किसानों द्वारा पंचेवा स्थित आंजना ट्रेडर्स से खरपतरवार को खत्म करने वाली दवा खरीदना बताया था। जिसकी जांच में खरपतवारनशी बायोक्लोर से फसलों को प्रभावित होना पाया।प्रतिवेदन में बताया कि खरपतवार नाशी से सोयाबीन फसल सूख गई परंतु खरपतवार नष्ट नहीं हुए। अधिकारी ने किसानों के साथ छल करके गलत खरपतवार नाशी का विक्रय कर राशि हड़पना पाया है।
दिल्ली की है किसानों को धोखा देने वाली कंपनी
एचपीएम केमिकल्स एंड फर्टिलाईजर्स लिमिटेड दिल्ली का खतपरवाशी बायोक्योर का छिडक़ाव करने से सोयाबीन फसल खराब होना पाया गया है। जांच से पता चला है कि दवा का छिडक़ाव करने के बाद सोयाबीन की फसल सूख गई जबकि खरपतवारों पर कोई असर नहीं हुआ। आरोप है कि किसानों के साथ छल करके गलत खरपतवार नाशी दवा बेच रुपये हड़प लिए गए।
इनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज
कृषि अधिकारी सोलंकी के प्रतिवेदन पर पिपलौदा पुलिस ने पंचेवा के आंजना ट्रेडर्स के दुकानदार रितुराज निवासी जेठाना के अलावा एचपीएम केमिकल्स एंड फर्टिलाईजर्स लिमिटेड के क्वालिटी कन्ट्रोलर के साथ ही कंपनी के सीईओ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा सहित कीटनाशी अधिनियम में अपराध कायम किया है।