

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। शतायु होने के जश्न में डूबा रतलाम रेलवे मंडल (Ratlam Railway Division) आम यात्रियों और स्टाफ की सुरक्षा की जिम्मेदारी भूल चुका है। रतलाम (Ratlam) रेलवे स्टेशन पर बदमाश और वेंडरों की रंगदारी के आगे सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) बेबस के साथ नतमस्तक है। प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर ऑन ड्यूटी लोको पायलट को जमकर पीटने और लूटने के मामले के 10वें दिन ही ट्रेन में पानी बेचने वाले एक नाबालिग अवैध वेंडर ने ट्रेन अटेंडर को चाकू मार दिया। आरोपी ने घायल को जान से मारने की धमकी भी दी। आसपास के कुछ यात्रियों ने हिम्मत दिखाई और बचाव किया नहीं तो आरोपी उसकी जान ले लेता। आरोपी भागा तो कुछ यात्रियों ने उसे पकड़ लिया और रतलाम (Ratlam) में जीआरपी (GRP) के हवाले कर दिया। घायल को रतलाम (Ratlam) स्टेशन पर उतारकर अस्पताल में भर्ती करवाया। जीआरपी (GRP) ने उसे गिरफ्तार कर बाल न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया।


मुंबई से शकुर बस्ती जा रही (ट्रेन नंबर 09003) में शुक्रवार की रात 9.15 बजे कोच नंबर 4 में पानी बेचने वाले एक नाबालिग अवैध वेंडर यात्री ने चाकू लहराते हुए हंगामा मचा दिया। घटना रतलाम (Ratlam) आने से 20 मिनट पहले चलती ट्रेन की है। घायल कोच अटेंडर अभिषेक प्रतापसिंह (20) पिता ज्ञानेंद्रसिंह निवासी गुरसहायगंज जिला कन्नौज (उत्तरप्रदेश) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उसने बताया कि मैं जीएसआईएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार प्रदीपसिंह तोमर के अंडर में काम करता हूं। 14 नवंबर को ट्रेन मुंबई सेंट्रल से सुबह 10.30 बजे चली थी। मैं इसमें बेडशीट लगाने का काम कर रहा था। पानी बेचने वाला दाहोद स्टेशन निकलने के बाद से ही गालियां दे रहा था। रात 9.15 बजे ट्रेन के रतलाम (Ratlam) पहुंचने से 15-20 मिनट पहले चलती ट्रेन में इसने मुझसे बिना वजह झगड़ा करना शुरू कर दिया। इस पर मैंने कॉल कर बी-1 कोच में ड्यूटी दे रहे अपने चचेरे भाई सचिन को बुला लिया। उसके आने पर वह हम दोनों भाइयों को गालियां देने लगा। मैंने गालियां देने से मना किया तो उसने चाकू मेरे दाहिने कूल्हे पर मार दिया। खून आने लगा और आसपास के यात्री भी घबरा गए। चाकू लहराते हुए उसने मुझे जान से मारने की धमकी भी दी कि आइंदा दिखा तो तुझे जाने से मार दूंगा। मेरे चचेरे भाई सचिन और यात्रियों ने हिम्मत जुटाई और मेरा बचाव किया। आरोपी वहां से ट्रेन के अंदर ही अंदर भाग निकला लेकिन कुछ यात्रियों ने उसे पकड़ लिया। सचिन ने व टीसी ने रेलवे के कंट्रोल पर कॉल किया वहीं यात्रियों ने हेल्प लाइन 139 पर कॉल किया। ट्रेन के रतलाम (Ratlam) पहुंचते ही यहां एम्बुलेंस तैयार मिली। रेलवे स्टेशन पर घायल का प्राथमिक इलाज करने के बाद उसे अस्पताल रेफर किया।



ट्रेन में नहीं रहते अब आरपीएफ जवान तैनात
घायल अभिषेक के चचेरे भाई सचिन ने बताया कि इस ट्रेन में आरपीएफ (RPF) का एक भी जवान तैनात नहीं था। मेरे भाई की मैंने और मौजूद यात्रियों ने हिम्मत दिखाते हुए मदद की। नहीं तो आरोपी एक-दो वार और छाती या पेट में कर देता तो मेरे भाई की जान जा सकती थी। घायल को चार टांके आए हैं। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन में आरपीएफ जवानों की व्यवस्था होना चाहिए। पानी बेचने वाला वेंडर हंगामा कर रहा था तब टीसी से लेकर सारे बेबस दिखाई दे रहे थे। हमने हेल्प लाइन 139 पर कॉल किया लेकिन घायल को पुलिस सुरक्षा और इलाज रतलाम रेलवे स्टेशन आने पर ही मिला। महंगा किराया देने के बावजूद लंबी दूरी की इस ट्रेन में यात्रियों की जान सुरक्षित नहीं है। टीआई पृथ्वीराज मीणा ने बताया कि मैं अवकाश पर हूं। वैसे हर ट्रेन में जवानों की व्यवस्था नहीं रहती है, क्योंकि इतनी संख्या में जवान नहीं हैं। वहीं जीआरपी थाना रतलाम टीआई मोतीराम चौधरी ने बताया कि इस ट्रेन में आरपीएफ (RPF) के जवान तैनात नहीं थे। जैसे हमें सूचना मिली हमने ट्रेन आने से पहले एम्बुलेंस आदि की व्यवस्था कर ली थी।



लोको पायलट के साथ मारपीट कर लूट की थी
4 नवंबर की रात 1.30 बजे प्लेटफॉर्म नंबर एक पर लोको पायलट शंटर आदित्य अमर्त्य को जीआरपी (GRP) थाने के सामने जमकर 10 मिनट तक पीटा। आरोपियों ने डिजिटल तरीके से लूट भी लिया। आदित्य शंटिंग करने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर एक के इंदौर तरफ वाले छोर पर बैठे थे। तभी जावरा फाटक फुट ओवर ब्रिज की ओर से आए चार बदमाशों ने मारपीट शुरू कर दी। चाकू दिखाकर उन्होंने 10 मिनट तक घूसों व थप्पड़ से पीटा। उनके पास रुपए नहीं मिले तो डरा-धमकार 3 हजार रुपए ऑनलाइन अपने खाते में ट्रांसफर करवाए थे।

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