
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) शहर के वार्ड क्रमांक 8 अंतर्गत प्रोफेसर कॉलोनी और कोमल नगर के बीच वर्षों से चले आ रहे बहुचर्चित भूमि विवाद में इंदौर हाईकोर्ट (Indore High Court) ने सख्त रुख अपनाया है। सैलाना रोड स्थित विवादित भूमि पर निर्माणाधीन चबूतरा, बगीचा एवं बाउंड्रीवॉल को लेकर इंदौर हाईकोर्ट ने रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह (Ratlam Collector Misha Singh) को 30 दिवस के भीतर प्रभावी कार्रवाई कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश इंदौर हाईकोर्ट (Indore High Court) के मजिस्ट्रेट प्रणय वर्मा ने दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना पर कड़ी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान इंदौर हाईकोर्ट (Indore High Court) ने इस तथ्य पर गंभीर आपत्ति जताई कि सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक या अन्य किसी भी प्रकार का अनाधिकृत निर्माण न करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, Ratlam में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की मौजूदगी में अवैध निर्माण कार्य किया गया। कोर्ट ने इसे न केवल प्रशासनिक लापरवाही, बल्कि न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना माना।
पूर्व आदेश के बावजूद सोता रहा प्रशासन
उल्लेखनीय है कि इंदौर हाईकोर्ट (Indore High Court) ने इससे पूर्व 1 दिसंबर 2025 को सैलाना रोड स्थित एक होटल के सामने निर्माणाधीन बगीचे के मामले में स्पष्ट आदेश दिए थे। इंदौर हाईकोर्ट ने कहा था कि होटल के उत्तर दिशा में स्थित पूर्व-पश्चिम दिशा का सार्वजनिक रास्ता, जो स्थानीय नागरिकों और होटल व्यवसायियों द्वारा वर्षों से उपयोग में था, उसे तत्काल अतिक्रमण मुक्त कर 5 जुलाई 2024 की स्थिति में बहाल किया जाए। इसके बावजूद Ratlam जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
रहवासियों की मजबूरी और उसके बाद नया निर्माण
Ratlam प्रशासन की निष्क्रियता से परेशान होकर 11 जनवरी 2026 की रात स्थानीय रहवासियों ने स्वयं रास्ता खोल दिया। इसके अगले ही दिन 12 जनवरी 2026 की सुबह, स्थानीय पार्षदों एवं भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेताओं द्वारा विरोध स्वरूप नया चबूतरा निर्माण शुरू कर दिया गया, जिसे इंदौर हाईकोर्ट (Indore High Court) ने गंभीरता से लिया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शिकायतकर्ता ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट अधिवक्ता आदित्य वर्मा ने घटनाक्रम का विस्तृत विवरण, वीडियो और फोटो साक्ष्य, तथा पूर्व आदेशों की अवहेलना से जुड़े तथ्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए। सभी पक्षों को सुनने के बाद इंदौर हाईकोर्ट ने रतलाम कलेक्टर (Ratlam Collector Misha Singh) को 30 दिन की समय-सीमा तय की।
पूर्व में सौंपे आवेदन पर नहीं हुई सुनवाई
याचिकाकर्ता ने 8 दिसंबर 2025 को ही रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह (Ratlam Collector Misha Singh) को हाईकोर्ट आदेश की पालना हेतु आवेदन सौंपा था। हालांकि इसे ‘टाइम-लिमिट बैठक’ में प्रस्तावित किया गया, लेकिन नगर निगम स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही के चलते स्थिति तनावपूर्ण बनी।
निगम उपयंत्री पर कोर्ट को भ्रमित करने का आरोप
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब रतलाम नगर निगम के उपयंत्री अनवर कुरैशी द्वारा इंदौर हाईकोर्ट (Indore High Court) में शपथ-पत्र प्रस्तुत कर यह कहा गया कि कोमल नगर अवैध कॉलोनी है और प्रोफेसर कॉलोनी वैध जबकि आरटीआई के जवाब में स्वयं नगर निगम ने स्वीकार किया है कि कोमल नगर एक विकसित कॉलोनी है और प्रोफेसर कॉलोनी अब तक अविकसित श्रेणी में आती है इस भ्रामक जानकारी को लेकर भी जल्द इंदौर हाईकोर्ट से बड़ी कार्रवाई की संभावना है।
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