
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) की प्रतिभाशाली बेटी अनुष्का दुबे का चयन इंडियन वुमेन ब्लाइंड फुटबॉल टीम में हुआ है। वे अप्रैल 2026 में जापान के ओसाका में आयोजित होने वाली एशिया-ओशियाना चैम्पियनशिप डिवीजन-1 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। भारतीय टीम में कीपर सहित कुल 6+1 खिलाड़ियों का चयन किया गया है, जिसमें अनुष्का भी शामिल हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे रतलाम (Ratlam) जिले के लिए गर्व का विषय है। रतलाम (Ratlam) की यह बेटी अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने को तैयार है।
देहरादून से ग्वालियर तक का सफर
अनुष्का ने अपनी पढ़ाई देहरादून (उत्तराखंड) स्थित एनआईईपीवीडी (नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द इम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विद विजुअल डिसएबिलिटी) से की है। वर्तमान में वे ग्वालियर के अटल बिहारी वाजपेयी ट्रेनिंग सेंटर फॉर डिसएबल्ड स्पोर्ट्स में प्रशिक्षण ले रही हैं और वहीं से प्राइवेट बीए (तृतीय वर्ष) की पढ़ाई कर रही हैं। फुटबॉल की तकनीकी बारीकियां वे कोच सुजीत पीएस के मार्गदर्शन में सीख रही हैं।
संघर्षों से सजी प्रेरणादायक पारिवारिक कहानी
रतलाम (Ratlam) के रामदेवजी की घाटी क्षेत्र में रहने वाले अनुष्का के पिता पंकज दुबे शास्त्री नगर में दूध की डेरी संचालित करते हैं। जून 2005 में जन्मी अनुष्का और उनके बड़े भाई अयांक दुबे (27) दोनों जन्म से दृष्टिहीन हैं। पिता बताते हैं कि शुरुआती समय बेहद चुनौतीपूर्ण था। कई डॉक्टरों को दिखाने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि दोनों बच्चों की ऑप्टिक नर्व विकसित नहीं हुई है। माता हंसा दुबे और पूरे संयुक्त परिवार ने मिलकर दोनों बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कठिन परिस्थितियों के बावजूद परिवार ने हिम्मत नहीं हारी और बच्चों के सपनों को उड़ान दी।
सामान्य स्कूल से राष्ट्रीय स्तर तक

अनुष्का ने आठवीं तक की पढ़ाई रतलाम (Ratlam) के स्कॉलर पब्लिक स्कूल में सामान्य बच्चों के साथ की। बाद में जानकारी मिलने पर उन्हें देहरादून के एनआईईपीवीडी में दाखिला दिलाया गया, जहां पढ़ाई, आवास और भोजन की सुविधा निःशुल्क थी। शुरुआत में परिवार के लिए उन्हें दूर भेजना भावनात्मक रूप से कठिन था, लेकिन अनुष्का ने वहां अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने एथलेटिक्स में दौड़ से शुरुआत की और स्कूल से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक प्रतियोगिताओं में भाग लिया। गुना और नडियाद में आयोजित स्पर्धाओं में उन्होंने सिल्वर मेडल जीते। कोच नरेश सिंह नयाल की प्रेरणा से उन्होंने फुटबॉल खेलना शुरू किया। वर्ष 2023 और 2025 में जमशेदपुर में आयोजित नार्थ सेंट्रल जोन स्पर्धाओं तथा देहरादून में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनकी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
गुजरात में विशेष प्रशिक्षण, अप्रैल में जापान रवाना
एशिया-ओशियाना चैम्पियनशिप की तैयारी के लिए मार्च के अंतिम सप्ताह से विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा। संभावना है कि यह प्रशिक्षण अहमदाबाद (गुजरात) में आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता 13 से 19 अप्रैल 2026 तक ओसाका (जापान) में होगी।
बड़ा भाई अयांक भी हैं प्रेरणा स्रोत
अनुष्का के बड़े भाई अयांक दुबे भी जन्म से दृष्टिहीन हैं। उन्होंने संगीत (गायन) में डिप्लोमा किया है और वर्तमान में मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक में प्रोविजनरी ऑफिसर (पीओ) के पद पर कार्यरत हैं। माता हंसा दुबे गृहिणी हैं। अनुष्का की यह उपलब्धि साबित करती है कि हौसले मजबूत हों तो कोई भी बाधा मंजिल की राह नहीं रोक सकती।
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


