
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026-27 के लिए 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है। यह बजट विकसित मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के संकल्प को साकार करने के साथ सर्व वर्ग के कल्याण पर केंद्रित है। यह बजट ‘ज्ञानी’ थीम पर आधारित है। जी (गरीब कल्याण), वाय (युवा शक्ति), ए (अन्नदाता), एन (नारी शक्ति), आई (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और (इंडस्ट्री)।
उक्त बातें कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप (Cabinet Minister Chetan Kashyap) ने रतलाम जिला भाजपा द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, जिला मीडिया प्रभारी अरुण त्रिपाठी एवं सह प्रभारी निलेश बाफना मंचासीन रहे। मंत्री काश्यप ने बताया कि वर्ष 2025-26 के 4.21 लाख करोड़ रुपये की तुलना में यह बजट लगभग 4 प्रतिशत अधिक है।उन्होंने स्पष्ट किया कि Madhya Pradesh सरकार द्वारा लिया जाने वाला ऋण पूंजी निर्माण के लिए है और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप है।
स्पेसटेक नीति और औद्योगिक विस्तार पर जोर
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) स्पेसटेक नीति 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रस्ताव है। औद्योगिक विकास के तहत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, पीएम मित्र पार्क और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों का विकास जारी है। सरकार प्रत्येक विधानसभा में एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना पर कार्य कर रही है, जिसके तहत 80 क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। एमएसएमई क्षेत्र को पर्याप्त बजट दिया गया है और पिछले वर्ष की कोई देयता शेष नहीं है।
कृषि और पशुपालन को बड़ी सौगात
कृषि क्षेत्र में 5 एचपी तक के कृषि पंप एवं एक घरेलू कनेक्शन के लिए नि:शुल्क विद्युत आपूर्ति की प्रतिपूर्ति हेतु 5 हजार 276 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 335 करोड़, समर्थन मूल्य पर बोनस भुगतान हेतु 150 करोड़ तथा सहकारी बैंकों से आपातकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना के अंतर्गत 3,000 करोड़ रुपये की लागत से सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। पशुपालन के लिए 2,364 करोड़, गौ-संवर्धन हेतु 620 करोड़ 50 लाख तथा मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान है। गौशालाओं को प्रति गौवंश अनुदान 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है।
नारी सशक्तिकरण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 23,883 करोड़ रुपये तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के लिए 1,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ वर्ग के लिए 1,691 करोड़ तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 2,857 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत 46 लाख 63 हजार परिवारों को 50,000 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि पर मालिकाना हक प्रदान किया जा चुका है। स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क वहन करने के लिए 3,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8 तक के 80 लाख विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण हेतु दुग्ध पैकेट वितरित किए जाएंगे।
आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को गति
सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं संधारण के लिए 14,742 करोड़ रुपये का प्रावधान है। मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21,630 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सड़क मरम्मत एवं कनेक्टिविटी सुधार हेतु 12,690 करोड़ रुपये आवंटित होंगे।
विकसित भारत जी राम जी कार्यक्रम के तहत 125 दिन
रोजगार, 8,000 किमी सड़कों का डामरीकरण, 600 किमी उन्नयन एवं 89,000 किमी संरक्षण का लक्ष्य रखा गया है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में 2 लाख शौचालय एवं 505 सामुदायिक परिसर निर्माण का लक्ष्य है। ग्राम पंचायत विकास हेतु 3,736 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
आवास, शहरी विकास और परिवहन में निवेश
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 6,850 करोड़, विकसित भारत-समृद्ध ग्राम योजना के लिए 10,428 करोड़ तथा पीएम जनमन योजना (आवास) के लिए 900 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। नगरीय आवास के लिए 2,316 करोड़, अमृत 2.0 के लिए 3,467 करोड़ तथा नगरीय निकायों को मूलभूत सेवाओं हेतु 1,057 करोड़ रुपये का प्रावधान है। लोक परिवहन के लिए पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत 972 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को स्वीकृति दी गई है। द्वारका नगर योजना में आगामी तीन वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य है।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में विस्तार
धार, बैतूल और पन्ना में महाविद्यालयों हेतु नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि श्योपुर, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में महाविद्यालय प्रारंभ करने की प्रक्रिया जारी है। मंत्री काश्यप (Cabinet Minister Chetan Kashyap) ने कहा कि यह बजट प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम है, जिसमें गरीब, युवा, किसान, महिला, उद्योग और आधारभूत संरचना सभी को समान प्राथमिकता दी गई है।
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