
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले में गुरुवार सुबह उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब गांव नंदलाई निवासी युवक की सड़क दुर्घटना में उपचार के बाद मौत होने पर आक्रोश उपज गया। आक्रोशित परिजनों ने रतलाम–बांसवाड़ा मुख्य मार्ग (Ratlam–Banswara main road) पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आमजन के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद टीआई सत्येंद्र रघुवंशी ने जाम खुलवाया।

मृतक दरबार पिता कन्हैयालाल डोडियार निवासी गांव नंदलाई है। परिजनों के अनुसार 9 जनवरी 2026 की रात करीब सवा 9 बजे दरबार बाइक से गांव लौट रहा था। सेजावता-बंजली बायपास के आगे नंदलाई फंटे के पास धामनोद की ओर से आ रही एक एंबुलेंस (Ambulance) ने सामने से उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी।
Cctv में कैद हुई थी घटना
Ratlam के गांव नंदलाई के पूर्व सरपंच कचरू डाबी ने बताया कि हादसा पास की एक दुकान के Cctv कैमरे में कैद हो गया था, जिसमें साफ तौर पर एंबुलेंस (Ambulance) द्वारा टक्कर मारते हुए देखा गया। गंभीर रूप से घायल दरबार को पहले रतलाम मेडिकल कॉलेज (Ratlam Medical College) में भर्ती कराया गया, फिर परिजन उन्हें इलाज के लिए बड़ौदा ले गए, जहां बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
सुबह शव रखकर किया चक्काजाम
बुधवार रात शव गांव लाया गया। गुरुवार सुबह परिजन शव को लेकर रतलाम–बांसवाड़ा मार्ग (Ratlam–Banswara main road) पर पहुंचे और सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजन एंबुलेंस (Ambulance) चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे।
स्कूल टाइम में जाम, बच्चों को परेशानियों का सामना
सुबह स्कूल का समय होने के कारण जाम का असर सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों पर पड़ा। कई स्कूल बसें रास्ते में फंस गईं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बच्चों को बसों से उतारकर पैदल सड़क पार कराई गई और दूसरी ओर से वैकल्पिक बसों में बैठाकर स्कूल भेजा गया। डेलनपुर स्थित प्राइवेट स्कूल ने स्थिति को देखते हुए छुट्टी घोषित कर दी। जाम में एंबुलेंस भी फंसी रहीं, बाद में पुलिस को मार्ग डायवर्ट करना पड़ा।
पत्नी और दो छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक अपने पीछे पत्नी, 12 वर्षीय बेटा और 10 वर्षीय बेटी को छोड़ गया है। इसके अलावा माता-पिता और छोटा भाई भी हैं। चक्काजाम के दौरान परिजनों के साथ-साथ मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिसे देख मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
लिखित आश्वासन के बाद खुला चक्काजाम
लगभग ढाई घंटे तक चले चक्काजाम के बाद थाना प्रभारी (टीआई) सत्येंद्र रघुवंशी ने परिजनों को 24 घंटे में कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन माने। स्वयं टीआई ने परिजनों के साथ मिलकर शव को एंबुलेंस में रखवाया, तब जाकर जाम खुल सका।
मामले में जिम्मेदारों ने क्या कहा
1) रतलाम शहर (Ratlam City) तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने बताया कि पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए हैं और चक्काजाम समाप्त कर दिया गया है। शासन स्तर से जो भी सहायता संभव होगी, वह दिलाई जाएगी।
2) औद्योगिक थाना प्रभारी (टीआई) सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की थी। परिजन घायल को इलाज के लिए बड़ौदा ले गए थे, इसलिए आगे की प्रक्रिया में समय लगा। एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, संदेही एंबुलेंस पुलिस के कब्जे में है और जांच के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


