– कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के प्रयासों से राजस्व विभाग ने जारी किए स्पष्ट निर्देश
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम जिले में लंबे समय से लंबित नामांतरण प्रकरणों को लेकर आखिरकार बड़ी राहत मिली है। वर्ष 1956-57 के भू-अभिलेखों की अनुपलब्धता के चलते उत्पन्न नामांतरण की समस्या का समाधान अब राजस्व विभाग ने स्पष्ट निर्देशों के साथ कर दिया है। विभाग ने रतलाम कलेक्टर को आदेश जारी किए हैं, जिनमें स्पष्ट किया गया है कि ऐसे प्रकरणों में अब मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
यह निर्देश कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के निरंतर प्रयासों का परिणाम हैं। मंत्री काश्यप ने इस विषय को पहले राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा से उठाया था बाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष भी रखा था। साथ ही मुख्य सचिव और राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव से लगातार संवाद कर शीघ्र निराकरण की मांग की। गुरुवार को मंत्री काश्यप ने पुनः प्रमुख सचिव से चर्चा कर आदेश जारी करवाए।
ऐतिहासिक निर्णय से नागरिकों को राहत
गौरतलब है कि रतलाम जिले में 1956-57 के रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण शासकीय भूमि से निजी मद में किए गए नामांतरण अटके हुए थे। इससे नागरिकों को वर्षों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब कलेक्टर को मिले अधिकारों के तहत संबंधित प्रकरणों पर उचित निर्णय लिए जा सकेंगे। इस ऐतिहासिक निर्णय से रतलाम के हजारों नागरिकों को सीधी राहत मिलेगी। मंत्री काश्यप ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वे जनता की समस्याओं को न सिर्फ गंभीरता से लेते हैं, बल्कि उसके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत भी रहते हैं।
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