रतलाम,वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम जिला अस्पताल में जरूरतमंद से ब्लड के नाम पर धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। आदिवासी अंचल बंजला से नानी को लेकर उपचार कराने पहुंचे नातिन से जिला अस्पताल के वाहन स्टैंड पर आरोपी ने ब्लड के नाम पर ढाई हजार रुपए ऐंठ लिए। दूसरी ब्लड की यूनिट लेने जब फरियादी वापस पहुंचा तो उसने सरकारी अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर को घटनाक्रम बताया। अस्पताल के सिविल सर्जन तक मामला पहुंचने के बाद स्टेशन रोड पुलिस ने पीडि़त की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
ग्राम बंजला (थाना सरवन) निवासी रमेश पिता राधाकृष्ण डोडियार ने बताया कि वह नानी हीराबाई (50) पति दुलिया मईड़ा निवासी इंद्रावलकला की तबीयत खराब होने पर उपचार के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज लेकर आया था। रतलाम मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने नानी हारीबाई के पेट के ऑपरेशन के लिए दो ब्लड यूनिट की व्यवस्था करने के लिए कहा। मेडिकल कॉलेज से रमेश को बताया कि सरकारी अस्पताल में जाना, वहां पर किसी से पूछकर ब्लड बैंक से ब्लड की व्यवस्था हो जाएगी। 14 फरवरी की दोपहर रमेश अपने जीजा विनोद के साथ सरकारी अस्पताल पहुंचा। मोटर साइकिल पार्किंग में खड़ी करने के बाद वहां काम करने वाले परमेश्वर पिता लालू परमार निवासी सैलाना से ब्लड बैंक के बारे में पूछा। इस दौरान स्टैंड पर कार्यरत आरोपी परमेश्वर ने उनसे कहा कि मुझे ढाई हजार रुपए देना पड़ेगा तो तुम्हारी दो यूनिट ब्लड की व्यवस्था करवा दूंगा। मौके पर ही रमेश ने आरोपी परमेश्वर परमार को ढाई हजार रुपए नकद दे दिए। इसके बाद आरोपी परमेश्वर बोला कि ब्लड बैंक में चले जाओ तुमको अब ब्लड मिल जाएगा। रमेश और उसका जीजा दोनों ब्लड बैंक पहुंचे तो वहां पर फॉर्म भरने के लिए दिया। फॉर्म भरने वाले ने बताया कि ब्लड के बदले मरीज के किसी परिजन को ब्लड दान करना पड़ता है जो दूसरे मरीजों के काम आता है। इस दौरान रमेश ने वहां बोला कि ब्लड दिलाने के नाम पर उससे स्टैंड पर कार्य करने वाले ने ढाई हजार रुपए लिए हैं। रमेश की नानी की तबीयत ज्यादा खराब होने पर वह मौके से एक यूनिट ब्लड लेकर सीधे मेडिकल कॉलेज चला गया। गुरुवार को दूसरी यूनिट ब्लड के लिए जब रमेश अपने जीजा के साथ दोबारा ब्लड बैंक पहुंचा तो उसने पुन: ब्लड बैंक में कार्यरत कर्मचारी को जानकारी दी। इस दौरान ड्यूटी डॉक्टर ने उन्हें बताया कि आपसे स्टैंड पर काम करने वाले ने गलत तरीके से रुपए लिए हैं, ब्लड के लिए नियमानुसार कार्य होता है और बार-बार यहां मत आकर परेशान करो। इसके बाद रमेश अपने जीजा को लेकर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत करने सिविल सर्जन डॉ. मेघसिंह सागर के पास पहुंचा। यहां पर उसने पूरी घटना से अवगत कराया। सिविल सर्जन डॉ. सागर ने अस्पताल चौकी से पुलिस कर्मियों को बुलाकर आरोपी परमेश्वर को तलब किया और पूछताछ के बाद उसे स्टेशन रोड थाने भिजवाया। पुलिस ने रमेश डोडियार की शिकायत पर आरोपी परमेश्वर परमार के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
आरोपी को थाने भिजवाया है
गुरुवार दोपहर को मामला संज्ञान में आने के बाद तत्काल आरोपी को पुलिस कस्टड़ी में लेकर थाने भिजवाया है। उक्त कृत्य काफी असंवेदनशील और अस्पताल की छवि खराब करने वाला है। ब्लड बैंक के कर्मचारी और डॉक्टर की सूझबूझ से हमारे संज्ञान में उक्त प्रकरण आने के बाद अब जिला अस्पताल के स्टैंड ठेकेदार को हटाने की भी कार्रवाई करेंगे। – डॉ. मेघसिंह सागर, जिला अस्पताल -रतलाम
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