
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
भारत सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के रतलाम जिले में क्रियान्वयन की समीक्षा कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम द्वारा बैठक लेकर की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के तहत आंगनबाड़ियों तथा स्कूलों में नल कनेक्शन की जानकारी कलेक्टर ने प्राप्त की।
कलेक्टर द्वारा गहराई से विस्तृत रूप में पूछे गए प्रश्नों का संतुष्टिपूर्वक जवाब पीएचई के कार्यपालन यंत्री सहायक यंत्रियों द्वारा नहीं दिया जा सका। यही स्थिति थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन करने वाले प्रतिनिधि की रही। इस पर नाराज कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग तथा जिला शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि वे अपने मैदानी अमले से जल जीवन मिशन के तहत आंगनवाड़ी में तथा स्कूलों में दिए गए नल कनेक्शन तथा उनसे पेयजल आपूर्ति की वास्तविक जानकारी प्राप्त करें। पीएचई की जानकारी पर भरोसा नहीं है। शिक्षा तथा महिला बाल विकास से प्राप्त जानकारी के आधार पर जल जीवन मिशन के वास्तविक क्रियान्वयन की स्थिति जानी जा सकेगी। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि यदि काम नहीं किया गया तो आर्थिक अनियमितताओं के प्रकरण के साथ-साथ अन्य अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी, एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बैठक में कार्यपालन यंत्री पीएचई पीके गोगादे, महिला बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा, जिला शिक्षा अधिकारी केसी शर्मा, पीएचई के एसडीओ उपयंत्री आदि उपस्थित थे।
तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने आगामी तीन दिवस में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। उसके पश्चात पुनः बैठक आयोजित की जाएगी। बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में 57 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी है। 127 योजनाएं प्रगतिरत है। 111 में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। योजना के तहत जिले के 1567 स्कूलों में नल के माध्यम से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके अलावा जिले की 2000 के आसपास की आंगनबाड़ियों में भी नल के माध्यम से जल उपलब्ध कराया जाएगा। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि स्कूलों में स्टाफ द्वारा किसी भी रूप में फर्जी सर्टिफिकेट योजना के क्रियान्वयन का नहीं दिया जाए अन्यथा स्टाफ के उस व्यक्ति के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।



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