– मस्तिष्क संबंधित बीमारी से हुई तेंदुए की मौत, 4 डॉक्टरों की पैनल ने किया पीएम
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। बाजना क्षेत्र के गढ़ीगमना में एक तेंदुए (नर) की मौत हो गई। वन विभाग ने 4 डॉक्टरों के पैनल से शार्ट पीएम करवाया। इसमें मस्तिष्क संबंधी वायरल बीमारी के चलते मौत होना सामने आया। मंगलवार सुबह बाजना के वन विभाग कैंपस में मृत तेंदुए का अंतिम संस्कार किया जाएगा। डॉक्टरों ने तेंदुए के सिर, पेट (लीवर) सहित अन्य हिस्सों के सैंपल लिए हैं, जिन्हें भोपाल और जबलपुर भेजेंगे। वहां से रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा।
सोमवार सुबह 9.45 बजे गढ़ीगमना में ग्रामीणों ने नाले के पास तेंदुए को लड़खड़ाकर चलते हुए देखा। उसका वीडियो बनाया और वन विभाग को सूचना दी। इस पर वन विभाग के अधिकारी स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ समय तक उन्होंने उसकी हरकतें देखीं। इसके बाद वह अचेत होकर गिर गया। अधिकारी उसके पास पहुंचे और चेक किया तो उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। सूचना पर बाजना पशु चिकित्सालय से डॉक्टर पहुंचे और उसे मृत घोषित कर दिया। बाजना वन विभाग के एसडीओ सीताराम नगॅस, रेंजर पुष्पलता मईड़ा सहित स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से तेंदुए की जांच की। एसडीओ नगेंस ने बताया कि तेंदुए के शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। प्रारंभिक जांच और शार्ट पीएम में मस्तिष्क संबंधी वायरल बीमारी के चलते तेंदुए की मौत होना सामने आया। बीमारी के चलते तेंदुआ गांव से लगभग 700 मीटर दूर खेत तक पहुंच गया था। उसकी उम्र 5 से 6 साल है। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि उस पर किसी ने हमला नहीं किया है, यह प्राकृतिक मौत है।
वन विभाग के कैंपस में करेंगे अंतिम संस्कार
तेंदुए की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए वन विभाग ने डॉक्टरों के पैनल से पीएम करवाया। इसमें बाजना के पशु चिकित्सालय के डॉ. पंकज भाटी, डॉ. गोपाल गामड़, डॉ. अर्पित भाभर, डॉ. लक्ष्मण डोडियार शामिल थे। मंगलवार सुबह वन विभाग के कैंपस में डीएफओ, तहसीलदार, जनप्रतिनिधि सहित अन्य की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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