
चेतन्य मालवीय
वंदेमातरम् न्यूज, सैलाना।
सरवन और सैलाना के जंगलों में तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों में दहशत बरकरार है। ग्रामीणों के मवेशियों पर हमला करने की घटनाओं के बाद शुरुआत में वन विभाग लक्कड़बग्घा होने की पुष्टि करता रहा, इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा फुटप्रिंट के आधार पर तेंदुए की पुष्टि के चार दिन बाद इंदौर से रेस्क्यू टीम जिले के सरवन और सैलाना के जंगल में पहुंची। ग्रामीणों में आक्रोश है कि वन विभाग उनकी जानमाल को लेकर लापरवाह है।


इंदौर वनमंडल के रेस्क्यू टीम प्रभारी एवं उपवनक्षेत्रपाल अधिकारी शेरसिंह कटारे ने वंदेमातरम् न्यूज से चर्चा के दौरान बताया कि उन्हें दो दिन पूर्व ही रतलाम वन मंडल कार्यालय से क्षेत्र में तेंदुए के होने की सूचना प्राप्त हुई थी। चार सदस्यीय टीम और संसाधन के साथ पहुंची रेस्क्यू टीम ने ग्राम ओदरण के जंगल में पिंजरा लगाया है। इधर तेंदुए का मूवमेंट ग्राम पाटड़ी के समीप होने के बाद वनविभाग द्वारा भी एक अतिरिक्त पिंजरा लगाया गया है। पिंजरे को दो हिस्सों में बांटने के लिए बीच में एक जाली लगाई है और उस हिस्से में बकरी के बच्चे छोड़े गए हैं, जिससे शिकार के बहाने तेंदुआ पिंजरे में फंस सके। वन विभाग की रेस्क्यू टीम पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। जानकारी के अनुसार ग्रामीणों को वन विभाग ने सुनसान एरियों में नहीं घूमने को लेकर अलर्ट भी जारी किया है। रेस्क्यू टीम ने ग्राम ओदरण और पाटड़ी में वनविभाग की टीम के साथ सर्चिंग भी शुरू कर दी है। तेंदुए की तेज रफ्तार के कारण वह एक स्थान पर जानवरों पर हमला नहीं करते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में मवेशियों को निशाना बनाकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त कर रहा है।




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