
भोपाल, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, ताकि स्थानीय परंपरागत उद्यमों को बढ़ावा मिल सके। यह बात सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चैतन्य काश्यप (Minister Chaitanya Kashyap) ने कही। मंत्री काश्यप ने बताया कि शेष 79 विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास का कार्य जारी है और यह पूरा होते ही हर विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र उपलब्ध होगा।
कैबिनेट मंत्री काश्यप (Minister Chaitanya Kashyap) विधानसभा स्थित समिति कक्ष में एमएसएमई विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, राजेश शुक्ला, सतीश मालवीय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री काश्यप (Minister Chaitanya Kashyap) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश और उद्योगों के लिए सकारात्मक वातावरण बना है, जिससे देश-विदेश के निवेशक Madhya Pradesh की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग बायोटेक्नोलॉजी पार्क निर्माण के परीक्षण के साथ रैंप योजना के तहत उद्यमियों के एक्सपोजर विजिट आयोजित कर उनकी कार्यकुशलता बढ़ाने का कार्य करेगा। बजट में लगातार वृद्धि के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।
वर्ष 2026 को मना रहे किसान वर्ष
कैबिनेट मंत्री काश्यप (Minister Chaitanya Kashyap) ने कहा कि यह वर्ष ‘किसान वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है और विभाग खाद्य प्रसंस्करण सहित कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना में समन्वय करेगा।
13 नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास
प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष 313 करोड़ रुपये की लागत से Madhya Pradesh में 13 नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में 305 हेक्टेयर भूमि पर 1622 भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा 50 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में 7 नए क्लस्टर विकसित किए गए हैं, जिनमें 399 इकाइयों की स्थापना और 8850 रोजगार सृजन का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 तक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या में 29 प्रतिशत और महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्तमान में प्रदेश में 6753 स्टार्टअप्स और 3236 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स पंजीकृत हैं।
750 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित
बैठक में गत बैठक के पालन प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण भी किया गया, जिसकी समिति ने पुष्टि की। प्रमुख सचिव ने बताया कि 1700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 750.86 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन सहायता राशि वितरित की गई। इसके अलावा 4800 से अधिक पावरलूम इकाइयों को 18 करोड़ रुपये की विद्युत रियायत दी गई। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 9095 हितग्राहियों को 626.85 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जोड़ा गया। अब इस योजना का लाभ स्टार्टअप्स को भी दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 943 हितग्राहियों को 46.42 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई। साथ ही 257 स्टार्टअप्स को 1.59 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता तथा ईआईआर (EIR) अनुदान योजना के तहत 222 स्टार्टअप्स को 12 माह की अवधि के लिए 2.6 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है।
समिति ने की विभागीय कार्यों की सराहना
समिति सदस्य एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने नवंबर तक 1700 से अधिक इकाइयों को 750 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरण पर Madhya Pradesh मुख्यमंत्री मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री काश्यप (Minister Chaitanya Kashyap) को बधाई दी। उन्होंने पिछले एक वर्ष में 13 औद्योगिक क्षेत्रों में 1150 औद्योगिक भूखंडों के वितरण को ऐतिहासिक बताया तथा फेसिलिटेशन काउंसिल के कार्यों की भी प्रशंसा की। बैठक में रैंप गतिविधियों और 21 नए जीआई टैग के लिए किए गए पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
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