रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
रतलाम के कस्तूरबानगर स्थित गली नंबर-7 की 60 फीट चौड़ी सरकारी सड़क पर कब्जेधारी रहवासियों को नोटिस देकर नगर निगम कार्रवाई भूल गया। वरिष्ठ अधिकारियों को मामला संज्ञान आने के बाद हरकत में आए निगम इंजीनियरों ने नक्शे में 60 फीट सरकारी सड़क के एवज में मौके पर 22 फीट सड़क पाई थी। कब्जा करने पर 47 रहवासियों को नामजद नोटिस देकर 3 दिन की मियांद दी थी। समय-सीमा के अतिरिक्त 15 दिन बीतने के बाद भी नगर निगम कार्रवाई से परहेज किए हुए है। सूत्रों के अनुसार अतिक्रमणकर्ताओं को बचाने में सत्ताधारी पार्टी से कुछ लोग सक्रिय हैं, जो कि कार्रवाई पर दबाव बनाने में लगे हुए हैं।
शहर के मुख्य बाजारों के अलावा कॉलोनियों में शासकीय सड़क पर बाउंड्रीवॉल कर कब्जा करने में लोग नहीं हिचकिचा रहे हैं। एमओएस (मीनिमम ओपन स्पेस) के विपरित भवनों का निर्माण करने के अलावा शासकीय भूमि पर बनी चौड़ी सड़कों पर लोहे की जालियां और बाउंड्रीवॉल निर्माण कर अवैध तरीके से जमीन हथियानें का सिलसिला लगातार जारी है। नगर निगम ने 17 दिसंबर को कस्तूरबानगर गली नंबर-7 की सड़क 60 फीट चौड़ी पाई थी और मौके पर नपती के दौरान दोनों तरफ अवैध बाउंड्रीवॉल, लोहे की जाली, गैलरी, बगीचा, पक्का निर्माण करने के अलावा कार खड़ी करने के लिए शेड लगाने के साथ ही पेवर ब्लॉक लगाकर अवैध कब्जा पाया था। नगर निगम ने ऐसे 47 भवनस्वामियों को चिन्हित कर नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 307 में नोटिस जारी किया था। नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि अवैध कब्जा करने वाले स्वत: अतिक्रमण हटा लें। समय-सीमा के अंदर कब्जा नहीं हटाने पर अवैध निर्माण निगम की ओर से तोड़ा जाएगा और संबंधितों से 15 हजार रुपए प्रति घंटे के मान से जुर्माना राशि वसूली जाएगी। जारी नोटिस के बाद क्षेत्र में निवासरत एक पटवारी ने स्वत: अतिक्रमण हटा लिया, जबकि शेष अतिक्रमणकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई से बचाने के लिए नेताओं ने प्रशासनिक मशीनरी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार – कस्तूरबानगर गली नंबर-7 में जांच उपरांत अवैध कब्जेधारियों को नोटिस दिया था। नोटिस के बाद आयुक्त सोमनाथ झारिया ने भी मौके पर निरीक्षण किया है। आयुक्त के दिशा-निर्देश पश्चात आगे की कार्रवाई की जाएगी। – सुरेशचंद्र व्यास, सिटी इंजीनियर, नगर निगम रतलाम
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