
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
मध्यप्रदेश का रतलाम यूं तो सेंव, साड़ी व सोने के लिए पहचाना जाता है। वर्तमान में ट्रिपल एस (3-S : सेंव,साड़ी सोना) वाला रतलाम अब फाइव एस (5-S : सेंव, साड़ी, सोना, सट्टा और सैक्स) से जाना जाने लगा है। प्रदेशभर में रतलाम की एक पहचान यहां के जिस्मफरोशी के अड्डो से भी बन गई। आप अगर किसी अन्य शहर में होकर रतलाम का नाम लो तो वहां के लोग आपसे जावरा के आगे महू नीमच हाइवे पर बसे ढोढर, परवलिया, रिछा चांदा, रुंडी, मोयाखेड़ा, पिपलियाजोधा, कचनारा, मोरखेड़ा आदि के बारे में जरूर पूछ लेंगे। और जिस्मफरोशी के धंधों की पूरी जानकारी भी देंगे। मगर बरसों से चले आ रहे इन जिस्मफरोशी के अड्डो पर आज भी अंकुश नहीं लग पाया है। पुलिस की कार्रवाई यहां हर बार बेअसर रहती है। मौजूदा शासन और प्रशासन सब कुछ होता देख भी मौन रहता है। इस रास्ते होकर गुजरने वाले अन्य राज्यों के लोग भी यहां रुक कर अपनी हवस ठंडी करते है।


जिस्मफरोशी के धंधे में कमाई की बात अगर करें तो आप यहां के पक्के बने मकानों को देखकर दंग रह जाएंगे। वहीं देहव्यापार में लिप्त हर दूसरी लड़की लाखों की कीमत के आईफोन चलाती आसानी से नजर आएगी। रविवार को इन डेरों पर देह का धंधा गुलज़ार रहता है। पुलिस की जीप हाइवे पर खड़ी रहकर इंतज़ार करती है डेरों से बाहर आने वाले लड़कों का। जिनसे कुछ ले देकर जेब गर्म की जा सके। डेरों के अंदर जाने और चेकिंग के नाम पर पुलिस के हाथ हमेशा खाली नजर आते है।



दरअसल नीमच, मंदसौर, रतलाम जिलों से गुजरने वाले अंतरराज्यीय राजमार्ग किनारे लगभग 200 से अधिक ऐसे डेरे हैं, जहां पर देह व्यापार खुले में होता है। बीते वर्षों में पुलिस ने कई छापामार कार्रवाइयों में इन ठिकानों से सैकड़ों नाबालिग बालिकाओं को भी मुक्त कराया है। मगर यहां कोई कार्रवाई आज तक असरदार साबित नहीं हुई है। वेश्यावृत्ति के नाम पर यहां घरों में खुलेआम वेश्यालय संचालित हो रहे है।



रतलाम पुलिस ने शनिवार को ऐसी ही एक कार्रवाई देहव्यापार के डेरे पर की। थाना रिंगनोद के ग्राम परवलिया से 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को ग्राहको से रुपये लेकर अनैतिक देह व्यापार करते पुलिस ने कैप्चर किया। एक एनजीओ की शिकायत पर पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार ग्राम परवलिया से 17 वर्षीय नाबालिक बालिका से ग्राहको से रुपये लेकर अनैतिक देह व्यापार करवाते घटना की पुष्टि होने पर बालिका को बरामद किया तथा आरोपियों के कब्जे से संदेहास्पद वस्तुएं भी बरामद की गई।
उक्त घटना में नाबालिक बालिका से अनैतिक देह व्यापार करवाने वाली महिला संतोषबाई एवं महक भाटी को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धारा 372 भादवि व 3,5,6,7 अनैतिक व्यापार निवारण अधि. 1956 व 3/17 पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोपी महिलाओं को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बरामद की गई बालिका को बाल कल्याण समिति (CWC) के हवाले कर दिया है।
पुलिस का दावा है कि वह लगातार कार्रवाई करेगी, जिससे अनैतिक देहव्यापार व मानव तस्करी से जुडे लोगों की धरपकड़ की जा सके। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 26 मई 2022 को देहव्यापार को लेकर एक अहम फैसला दिया, जिसमें कहा गया कि वेश्यावृत्ति भी एक प्रोफेशन है और पुलिस को उनके काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। लेकिन यहां के डेरों में इसके अलावा भी कई अनैतिक काम फल फूल रहे है।

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