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Ratlam : स्वास्थ्य विभाग में भर्ती घोटाला, 6 महीने में 3 कर्मचारी फर्जी दस्तावेजों पर दोषी

- लैब असिस्टेंट बने सलमान को 7 साल की सजा, पहले भी दो मामलों में हो चुकी है सख्त कार्रवाई

Recruitment scam in Ratlam health department

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले छह महीनों में ऐसे तीन मामलों में अदालत द्वारा दोषियों को सजा सुनाई जा चुकी है, जिससे विभाग की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।

ताजा मामले में रतलाम (Ratlam) जिला अस्पताल में लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत सलमान खान (38), निवासी नागझिरी (उज्जैन), को कोर्ट ने 7 वर्ष के कारावास और 2 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने दिया।

फर्जी मार्कशीट से मिली नौकरी

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अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि दोषी सलमान ने अपने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत आवेदन किया था। उसने 10वीं और 12वीं की फर्जी अंकसूची लगाकर वर्ष 2016 में जिला अस्पताल में नौकरी हासिल कर ली। जांच के दौरान जब उसकी 12वीं की मार्कशीट का सत्यापन कराया गया, तो वह रिकॉर्ड से मेल नहीं खाई। इसके बाद मामला दर्ज किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि जिस स्कूल का नाम अंकसूची में दर्ज था, वहां सलमान ने कभी परीक्षा ही नहीं दी। यहां तक कि अंकसूची में लिखे रोल नंबर भी किसी छात्र को आवंटित नहीं किए गए थे। नौकरी के दौरान सलमान करीब 97 हजार रुपए वेतन भी प्राप्त कर चुका था।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

रतलाम (Ratlam) में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दो कर्मचारी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करते पकड़े जा चुके हैं—

1) ऋषिकेश शर्मा केस : सितंबर 2025 में ड्रेसर के पद पर कार्यरत ऋषिकेश शर्मा को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने के मामले में 10 साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई।

2) श्वेता शाह केस : इसी महीने श्वेता शाह को भी फर्जी अंकसूची के आधार पर नौकरी करने पर 10 साल की सजा और अलग-अलग धाराओं में जुर्माना लगाया गया।

भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने रतलाम (Ratlam) स्वास्थ्य विभाग की भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि दस्तावेजों की जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों ने लापरवाही क्यों बरती। अब जरूरत इस बात की है कि केवल दोषियों को सजा देने के बजाय उन अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए, जिनकी अनदेखी या सांठगांठ से ऐसे फर्जीवाड़े संभव हो पाए।


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Aseem Raj Pandey
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वर्ष-2000 से निरतंर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 22 वर्षों में चौथा संसार, साभार दर्शन, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज के प्रधान संपादक की भूमिका का निर्वहन। वर्ष-2009 में मध्यप्रदेश सरकार से जिलास्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार के अलावा रतलाम प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य। UID : 8570-8956-6417 Contact : +91-8109473937 E-mail : asim_kimi@yahoo.com

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