रतलाम /सैलाना, वंदेमातरम् न्यूज। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर आयोजित मुख्य समारोह में लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक पदों की गरिमा को दरकिनार करने का जिले के सैलाना से मामला सामने आया है। सैलाना विकासखंड मुख्यालय पर हुए मुख्य कार्यक्रम में एसडीएम द्वारा प्रोटोकॉल नियमों की अनदेखी करते हुए नगर परिषद अध्यक्ष एवं नगर के प्रथम नागरिक चेतन्य शुक्ला (लक्की) को न केवल मंच से वंचित किया, बल्कि उन्हें तीसरी पंक्ति में बैठाया।
नगर परिषद अध्यक्ष चेतन्य शुक्ला ने इसे जनादेश और संवैधानिक पद का घोर अपमान बताते हुए जिला कलेक्टर को पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि को समारोह में सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों की मनमानी से लोकतांत्रिक मूल्यों पर चोट पहुंची है। कार्यक्रम में पहली और दूसरी पंक्ति में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्षों और सामान्य कार्यकर्ताओं तक को जगह दी गई, जबकि संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त नगर परिषद अध्यक्ष को पीछे की पंक्ति में बैठाया गया। इससे प्रशासन की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
“लोकतांत्रिक मूल्यों पर खतरा” – चेतन्य शुक्ला
सैलाना नगर परिषद अध्यक्ष शुक्ला ने वंदेमातरम् न्यूज से चर्चा कर कहा कि यदि राष्ट्रीय पर्व पर भी निर्वाचित प्रतिनिधियों का सम्मान नहीं होगा, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास डगमगा सकता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।
पूर्व विधायक हर्षविजय गेहलोत का तीखा हमला
मामले में पूर्व विधायक हर्षविजय गेहलोत ने भी घटना की निंदा की और कहा कि “दिल्ली से लेकर ग्राम पंचायतों तक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ रही हैं, इसलिए हम कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है।” उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी सत्ता की गुलामी करने में लगे हुए हैं और विपक्ष के चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करने से भी पीछे नहीं हट रहे। गेहलोत ने चेतावनी दी कि ऐसी प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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