नामली में 15 कॉलोनियां अवैध, नोटिस की तैयारी, फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर्स की कार्यप्रणाली से इस बार भी कलेक्टर हुए नाराज

नामली में 15 कॉलोनियां अवैध, नोटिस की तैयारी, फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर्स की कार्यप्रणाली से इस बार भी कलेक्टर हुए नाराज

रतलाम, वन्देमातरम् न्यूज।
सोमवार को कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने समयावधि पत्रों की बैठक (TL MITTING) ली। बैठक में भू-माफिया तथा अन्य माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई में यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नीचे का अमला वातावरण का अनैतिक लाभ नहीं उठाएं। यहीं नहीं हर बार की तरह फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर्स की कार्यप्रणाली को लेकर इस बैठक में भी कलेक्टर नाराज रहे।
बैठक में तहसीलदार ग्रामीण ने बताया कि नामली में 15 अवैध कालोनिया चिन्हित की गई हैं जिनके विरुद्ध नोटिस जारी किए जा रहे हैं, उसके पश्चात कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने जावरा की टीम द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना की गई। कलेक्टर द्वारा इसी प्रकार की कार्रवाई अन्य एसडीएम तथा तहसीलदारों को भी करने के लिए निर्देश दिए।
बीईओ सप्ताह में 4 दिन करे निरीक्षण
कलेक्टर ने रतलाम जिले में स्कूलों के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की अनुपस्थिति, बगैर बताए गैर हाजरी, बगैर अवकाश स्वीकृति के स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति पर सख्त रवैया अख्तियार किया है। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है कि यदि शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई तो ना केवल शिक्षक बल्कि अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। विकासखंड शिक्षा अधिकारी हफ्ते में 4 दिन स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। बैठक में अपर कलेक्टर एमएल आर्य, जिला वन मंडल अधिकारी डुडवे तथा जिला अधिकारी उपस्थित थे।
पटवारी मुख्यालय पर रहे
कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी स्कूलों के निरीक्षण और शिक्षकों की उपस्थिति देखने को कहा।  कलेक्टर द्वारा बैठक में विभिन्न विभागों की समीक्षा की गई। पटवारियों की सोमवार तथा गुरुवार को उनके मुख्यालय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया अन्यथा की स्थिति में संबंधित तहसीलदार जिम्मेदार रहेगा।
इनके कारण जिले की रैकिंग हो रही खराब
समयावधि पत्रों की बैठक में वाणिज्य कर अधिकारी को भी उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया गया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा में सहकारिता विभाग को बेहतर कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया। ऊर्जा विभाग को 90 अंक लाने, जावरा के तहसीलदार तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं आलोट मुख्य नगरपालिका अधिकारी के कमजोर परफॉर्मेंस पर नाराजगी व्यक्त की गई। आलोट, जावरा के नगर पालिका अधिकारियों के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए कहा गया कि उनके कारण जिले की रैंकिंग खराब हो रही है।
सीएमएचओ सतत भ्रमण करे
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर ननावरे को कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया कि वह जिले का सतत भ्रमण करें और स्वास्थ्य कार्यक्रमों योजनाओं की मानिटरिंग करें। इस संदर्भ में कलेक्टर द्वारा जिला पंचायत सीईओ जमुना भिड़े का उदाहरण दिया जिनके द्वारा सीईओ का चार्ज लेने के मात्र 12 दिनों में ही सभी जनपद पंचायतों का भ्रमण कर लिया गया। आरटीओ को भी सीएम हेल्पलाइन परफॉर्मेंस में सुधार के लिए निर्देशित किया।
टूर प्रोग्राम बना कर देवे
कलेक्टर, फूड एंड ड्रग इंस्पेक्टर्स की कार्यप्रणाली से इस बैठक में भी नाराज रहे। खासतौर पर सैलाना, बाजना, रावटी क्षेत्रों में मिलावट की जांच करने नमूने लेने के कार्य में इंस्पेक्टर द्वारा लेतलाली बरतने पर नाराजगी व्यक्त की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टूर प्रोग्राम नियमित रूप से बनाकर कलेक्टर से अप्रूव करवाएं। सप्ताह में कम से कम 2 दिवस मैदानी क्षेत्र का भ्रमण अनिवार्य रूप से करें।

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