
रतलाम/बांसवाड़ा, वंदेमातरम् न्यूज। मध्यप्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले के एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने आर्थिक तंगी, प्रॉपर्टी बिजनेस में नुकसान और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव के चलते राजस्थान के बांसवाड़ा में आत्महत्या करने की कोशिश की। व्यापारी ने सुसाइड अटेम्पट से पहले अपने 20 वर्षीय बेटे को एक वीडियो भेजा, जिसमें उसने अपनी मजबूरी, कर्ज और परिवार के प्रति चिंता का जिक्र किया। बेटे ने वीडियो देखकर तुरंत रतलाम पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बांसवाड़ा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए माही नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया और व्यापारी को बेसुध हालत में बचा लिया।
बांसवाड़ा की माही नदी में कूदने का प्रयास
घटना मंगलवार रात करीब 11 बजे की है। रतलाम (Ratlam) के माणकचौक निवासी संतोष (45), पिता मोहनलाल तेली, प्रॉपर्टी के कारोबारी हैं। वह रतलाम से बांसवाड़ा के आंबापुरा थाना क्षेत्र स्थित माही नदी के गेमन पुल पर पहुंचे और वहां से नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की। इससे पहले उन्होंने बांसवाड़ा बस स्टैंड पर बैठकर अपने बेटे के लिए वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे भेज दिया।
वीडियो देखकर बेटे ने पुलिस को दी सूचना
संतोष के बेटे ने जब अपने पिता का वीडियो देखा तो वह घबरा गया। वीडियो में आत्महत्या की बात सुनते ही वह तुरंत रतलाम के माणकचौक थाने पहुंचा और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। रतलाम (Ratlam) पुलिस ने वीडियो और मोबाइल लोकेशन के आधार पर तुरंत बांसवाड़ा पुलिस से संपर्क किया और संभावित स्थान की सूचना साझा की।
नदी किनारे मिले मोबाइल और जूते
सूचना मिलते ही बांसवाड़ा पुलिस की टीम आंबापुरा थाना क्षेत्र के गेमन पुलिया पर पहुंची। वहां पुल के पास संतोष का मोबाइल फोन और जूते पड़े मिले, जिससे आशंका और पुख्ता हो गई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दो रेस्क्यू बोट पानी में उतारी गईं।
अंधेरा, कोहरा और ठंड के बीच चला सर्च ऑपरेशन
राजस्थान के आंबापुरा थाना प्रभारी रमेश मीणा ने बताया कि घटना स्थल पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। सर्दी के कारण कोहरा भी छाया हुआ था, जिससे सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कत आई। इसके बावजूद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने टॉर्च और अन्य संसाधनों की मदद से नदी का चप्पा-चप्पा खंगाला। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिया से लगभग 800 मीटर दूर संतोष पानी में बेसुध हालत में दिखाई दिए। राहत की बात यह रही कि उनका मुंह पानी से बाहर था।
तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया
संतोष को तुरंत पानी से बाहर निकालकर बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) ले जाया गया। रात करीब 12 बजे उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक समय रहते रेस्क्यू होने से उनकी जान बच सकी।
वीडियो में छलका प्रापर्टी व्यापारी का दर्द
करीब 7 मिनट के वीडियो में संतोष ने अपने बेटे से भावुक अपील की। उन्होंने कहा, “बेटा, मैं बहुत दूर चला जाऊंगा। प्रॉपर्टी में बहुत नुकसान हो गया है। अब रोज 1-2 हजार रुपए के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। मम्मी और दीदी का ध्यान रखना। मकान बेचकर मम्मी के गहने छुड़वा लेना। मेरे कर्म खराब थे, इसलिए यह कदम उठाना पड़ रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि वह रोज मेहनत करते हैं, लेकिन कर्ज और नुकसान के कारण पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने रजिस्ट्री से जुड़े कागजात, ज्वेलर के पास रखे गहने और कुछ जानकार लोगों के नाम भी बेटे को बताए, ताकि परिवार को बाद में परेशानी न हो।
‘अब और सहन नहीं हो रहा’
वीडियो में संतोष ने कहा कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह थक चुके हैं। सुबह-शाम यही चिंता सताती रहती है कि पैसे कहां से आएंगे। उन्होंने बेटे से माफी मांगते हुए कहा कि किसी की कोई गलती नहीं है और वह यह फैसला अपनी मर्जी से ले रहे हैं।
पुलिस की तत्परता से बची जान
रतलाम (Ratlam) जिले के माणकचौक थाना प्रभारी पातीराम डावरे ने बताया कि जैसे ही बेटे से सूचना मिली, पुलिस ने बिना देर किए लोकेशन ट्रेस कर बांसवाड़ा पुलिस को अलर्ट किया। दोनों राज्यों की पुलिस के समन्वय और त्वरित कार्रवाई से एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकी।
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