
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध रतलाम (Ratlam) सराफा बाजार में एक बार फिर हड़कंप मच गया। जेवर बनाने वाले 2 बंगाली कारीगर 2 अलग-अलग सराफा व्यापारी व एक कारीगर का 80 लाख रुपए का 575 ग्राम सोना लेकर भाग गए। जिस व्यापारी का 350 ग्राम सोना कारीगर ले गया, उसने माणकचौक थाने में आवेदन दिया है। इस कारीगर के खिलाफ एक अन्य कारीगर ने भी 60 ग्राम सोना ले जाने का आवेदन दिया है। इधर, दूसरे व्यापारी से एक अन्य कारीगर 165 ग्राम सोना लेकर भागा है। यह व्यापारी अभी तक थाने नहीं पहुंचा है।
सराफा बाजार के व्यापारी दिनेश जोशी ने 10 साल से जेवर बनाने का काम करने वाले बंगाली कारीगर को अलग-अलग समय पर ज्वैलरी बनाने के लिए 350 ग्राम शुद्ध सोना दिया था। सराफा व्यापारी ने और ज्वैलरी बनाने के लिए गुरुवार की सुबह कारीगर को कॉल किया तो उसका मोबाइल बंद मिला। धनजीभाई के नोहरे में स्थित उसकी दुकान चेक करवाई तो उस पर ताला लगा मिला। उसके वेद व्यास कॉलोनी स्थित किराए के मकान पर दिखवाया तो पता चला कि वह परिवार समेत कहीं चला गया है। सराफा व्यापारी ने यहां रहने वाले कारीगर के जीजा और उसके बड़े भाई के साले से संपर्क किया। जोशी इन दोनों के साथ कारीगर एसोसिएशन के एक सदस्य को भी लेकर थाने पहुंचे। उन्होंने इनको बताया कि भागे कारीगर को बुलवा लो और सोना वापस करवा दो। रिश्तेदारों ने उसके साथ पश्चिम बंगाल में रहने वाले परिजन को भी कॉल लगाए लेकिन पता चला कि अभी तक वो वहां नहीं पहुंचा है। यहीं कारीगर एक अन्य कारीगर विश्वजीत का 60 ग्राम सोना भी ले गया। इस पर कारीगर ने भी थाने में आवेदन दिया। दूसरे सराफा व्यापारी का एक बंगाली कारीगर 165 ग्राम सोना लेकर भागा है। इसने भी कारीगर को ज्वैलरी बनाने के लिए सोना दिया था।
3 करोड़ का सोना लेकर भागा था जीवन
अक्टूबर 2024 में सराफा व्यापारी जीवन सोनी 7 बड़े ज्वेलर्स के यहां से ग्राहकों को दिखाने के लिए 4 किलो सोने के जेवर लाया और भाग निकला था। इसकी उस समय कीमत 3 करोड़ रुपए थी। त्रिपोलिया गेट रोड पर बोहरा बाखल की गली में स्थित भाविका ज्वेलर्स का संचालक सोनी 15 महीने में भी पकड़ में नहीं आया। माणक चौक थाना पुलिस ने उसके कल्याण नगर स्थित घर के साथ उज्जैन जिला स्थित पैतृक गांव से भी सीसीटीवी फुटेज निकाले और तलाश की लेकिन वह नहीं मिला। आरोपी सोनी सराफा बाजार से शशांक पुरोहित (एपी ज्वेलर्स), अंशु पामेचा (नक्षत्र ज्वेलर्स), सुनील पोरवाल (मारूतिनंदन ज्वेलर्स), सौभाग्यमल बसंतीलाल ज्वेलर्स, गोविंद अग्रवाल (केडी ज्वेलर्स), कान्ह्य राठौर (राधे ज्वेलर्स), मयंक पोरवाल (न्यू मारुतिनंदन ज्वेलर्स) का सोना लेकर भागा था।
रतलाम में 3 हजार से ज्यादा बंगाली कारीगर
रतलाम (Ratlam) में 3 हजार से ज्यादा बंगाली कारीगर ज्वैलरी बनाने का काम कर रहे हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस ने 6 महीने पहले इन कारीगरों के दस्तावेज चेक किए थे। जब भी कोई नया कारीगर आए तो पुलिस को उसकी पूरी जानकारी एसोसिएशन के जरिए लेना चाहिए।
कारीगर के खिलाफ मिली शिकायत
व्यापारी ने आवेदन देकर बताया कि कारीगर 350 ग्राम सोना लेकर भागा है। कारीगर का नाम संदीप सिंह दास बताया है। कारीगर विश्वजीत ने बताया कि संदीप मेरा भी 60 ग्राम सोना ले गया है। मामले जांच में लिए हैं। एक और कारीगर के 165 ग्राम सोना ले जाने की सूचना मिली है लेकिन इस मामले में कोई थाने नहीं आया है। – पीआर डावरे, टीआई- माणक चौक थाना
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