
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) स्थित ऊंकाला रोड स्थित समता परिसर निवासी मोइनुद्दीन (35) पिता अनीशउद्दीन काजी ने सल्फास की गालियां खाकर आत्महत्या कर ली। इसके पहले उसने वीडियो बनाकर सबसे पहले पत्नी को डाला।
फिर मोहल्ले के ही एक दोस्त भूरा को कॉल किया कि मैंने सल्फास की गोलियां खा लीं। उसने मोइनुद्दीन के भाई हनीफुद्दीन को कॉल किया तो वो घर पहुंचे। वहां पहली मंजिल पर वह छटपटा रहा था। उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मोइन मकान निर्माण के दौरान सरिए बांधने का काम करता था। उसका ससुराल सैलाना में है। उसके पास सल्फास की 10 गोलियां थीं, जिसमें से उसने मंगलवार दोपहर 2.30 बजे 5 खा ली, क्योंकि कमरें में से 5 गोलियां मिली हैं। इसके तीन बच्चे हैं। ऑडियो भी सामने आया है, इसमें मृतक और उसकी पत्नी, ससुर से बहस सुनाई दे रही है। जिसमें ससुर धमकी देता सुनाई दे रहा है और वह जमकर गालियां दे रहे हैं। बच्चे से बात करवाने का कहा तो कह रहे हैं कि आकर ले जा। ससुरालवाले इसे चोर भी कहते हैं और बता रहे रहे हैं कि कि मंगलसूत्र चुरा लिया तूने।
… मैं तुमसे नहीं लड़ सकता इसलिए ऐसा कदम उठाने जा रहा हूं…
फरीन..ठीक है अल्ला हाफिज.. मैं तो जा रहा हूं। मैं मेरे तेरे लिए सिरदर्द बन गया था न। तूने स्टेटस लगाया न आज, कि मैं सिरदर्द बन गया तेरे लिए। देख ये सल्फास है और मैं इसे खाने वाला हूं आज। जहर है ये। ये मुझे मजबूरन कदम उठाना पड़ा, इसलिए कि मैंने बहुत कोशिश की कि अपने बीच में अनबन हुई है, तो अपन दोनों मिलकर सॉल्व कर लें। लेकिन तूने हर बार वही गलती की। तूने तेरे मां-बाप और भाई-बहन को बुलाया। यहां आए तो उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी। कॉल किया तो मुझे डराया-धमकाया और कहा तेरे चमड़े तुड़वा देंगे..तुझे जूते पड़वा देंगे। मैं तुमसे नहीं लड़ सकता इसलिए ऐसा कदम उठाने जा रहा हूं, जिससे तुम सभी सुखी हो जाओ। तूने मेरे बच्चे आसीम से बात नहीं करने दी। (फिर दांत से डिब्बी का ढक्कन खोलते हुए कहा) इसमें टोटल 10 गोलियां हैं और मैं इनको खा रहा हूं। मैं वीडियो इसलिए बना रहा हूं ताकि दुनिया को पता चल जाए कि मुझ पर कोई कर्ज नहीं था जिसकी वजह से मैं मर गया। मुझे मेरी औरत ने इतना परेशान किया हैं कि 13 साल की शादी में कितनी बार मायके जाकर बैठ गई। बच्चों को मेरी मम्मी को दे देना। इस हादसे में मेरी जान चली जाए तो उसकी जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ तेरी होगी। तेने मैरे बच्चों को यतीम किया है। तेरे मम्मी-पापा कसूरवार हैं, जिन्होंने मुझे मजबूर कर दिया कि मुझे मजबूरन ये कदम उठाना पड़ा। फरीन का फोन चेक करना सभी। (रोते हुए) लेकिन तूने मेरी एक नहीं सुनी। मैंने तुझे कभी इतना परेशान नहीं किया, जितनी तकलीफ तूने मुझे दी। अब मैं सिर्फ और सिर्फ इसका कसूरवार तूझे और तेरे घरवालों को ही बताकर जा रहा हूं कि मेरी मौत के जिम्मेदार यही लोग हैं, क्योंकि इन्होंने मुझे इसके लिए मजबूर किया।
मेरी जिंदगी को परेशान करके रख दिया इसने
मेरी इच्छा नहीं थी कि मैं ऐसा कदम उठाऊं.. लेकिन क्या करता मैं… मैंने यह भी कहा तूझे छुटकारा चाहिए तो देने को तैयार हूं लेकिन मेरे बच्चे मुझे दे दे। ये मेरे बच्चों को भी लेकर चली गई। इसने मेरी जिंदगी को परेशान करके रख दिया। आखिरी बार कहके जा रहा हूं कि इसकी जिम्मेदार ये खुद रहेगी। मेरे बच्चे मेरे घर पर दिए जाए। Ratlam प्रशासन से यही निवेदन है। इनके घरवालों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
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