रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
सक्रियता, समर्पण और संवेदनशीलता से ही किसी व्यक्ति की पहचान बनती है। भौतिक विज्ञान का क्षेत्र विज्ञान के साथ रचनात्मकता का भी संदेश देता है। भौतिक शास्त्र से जुड़ा व्यक्ति हर क्षेत्र में सक्रिय रहकर कार्य करता है, इसीलिए उसकी छवि प्रशंसनीय होती है।
उक्त विचार रतलाम भौतिकी शिक्षक परिषद (आर.ए.पी.टी.) द्वारा आयोजित अभिनंदन एवं शुभकामना समारोह में वरिष्ठ भौतिकविद्, पूर्व प्राचार्य एवं आरएपीटी संरक्षक डॉ. एसके जोशी ने व्यक्त किए। समारोह में सेवानिवृत्त भौतिकविद् अमर वरधानी एवं श्यामवंत पुरोहित को परिषद द्वारा लाइफ टाइम सम्मान से सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए इंदौर से आए भौतिकविद् डा. पीके दुबे ने कहा कि विद्यार्थी जीवन और शिक्षक की जीवन में काफी समानताएं हैं। विद्यार्थी जीवन प्रयोग सीखने का समय होता है वहीं शिक्षकीय जीवन हर विद्यार्थी तक पहुंचने का समय। उन्होंने कहा कि हर शिक्षक का यह प्रयास होना चाहिए कि वह औसत विद्यार्थी तक भौतिक जैसे महत्वपूर्ण विषय को पहुंचाने का प्रयास करे। अपने सम्मान के प्रत्युत्तर में वरधानी ने कहा कि रतलाम में सक्रिय भौतिक शास्त्र के साथियों के बीच रहकर बहुत कुछ करने का अवसर मिला। हमेशा भौतिक को आसान शब्दों में समझाने की कोशिश की, इसी से विद्यार्थियों को कुछ सीखा सका। पुरोहित ने कहा कि भौतिक विज्ञान का क्षेत्र बहुत व्यापक है। इसमें जितना डूब कर देखा जाए उतना ही आनंद आता है। अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व प्राचार्य सुंदरलाल गौड़ ने कहा कि आरएपीटी के माध्यम से रतलाम में भौतिक शास्त्र से जुड़े व्यक्तियों को एक साथ बैठने का अवसर मिल रहा है। इससे आने वाले समय में भी गतिविधियों की निरंतरता रहेगी।
जितेंद्र जोशी, आरएपीटी अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौर, डॉ ललित मेहता, आरके त्रिपाठी, डीके पाटीदार, अरविंद गुप्ता, माधुरी फड़नीस, आशीष दशोत्तर ने भी विचार व्यक्त किए। स्वागत संदीप जैन, जेके गुप्ता, वीरेंद्र मिंडा, सुधीर गुप्ता, एसके भावसार, स्वतंत्र श्रोत्रीय, वर्षा कुलकर्णी, मुकेश गहलोत, सैयद शराफत अली, रितेश त्रिवेदी, राजेंद्र बिष्ट, सुष्मिता निगम, स्वप्निल शर्मा ने किया। कार्यक्रम में जिले के भौतिक विज्ञान से जुड़े शिक्षक उपस्थित थे। संचालन राकेश जादौन ने किया। आभार अकरम खान पठान ने माना।
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