


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। स्थानीय रॉयल कॉलेज (Royal College) में बीसीए एवं बीएससी (कंप्यूटर साइंस) के विद्यार्थियों के लिए ‘टेक-कम-कल्चरल मीट’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तकनीकी ज्ञान, अकादमिक मार्गदर्शन और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम देखने को मिला। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी दौर के अनुरूप स्वयं को तैयार करने, नए कौशल सीखने और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आयोजन के दौरान विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
आईटी क्षेत्र में भारतीय प्रतिभाओं का वैश्विक योगदान सराहनीय

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. संजय वाते ने अपने उद्बोधन में कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्व की प्रमुख आईटी कंपनियों और तकनीकी संस्थानों में भारतीय प्रतिभाएं महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं और अपनी योग्यता से देश का गौरव बढ़ा रही हैं। डॉ. वाते ने विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहने की सलाह देते हुए कहा कि आईटी क्षेत्र निरंतर विकसित हो रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकों को सीखना, अपने ज्ञान को अद्यतन रखना और नवाचार की दिशा में प्रयास करना आवश्यक है। उन्होंने तकनीकी दक्षता को सेवा भावना, राष्ट्रहित और समाज कल्याण से जोड़ने का आह्वान किया।
बड़े सपने और स्पष्ट लक्ष्य ही सफलता की नींव
विशिष्ट अतिथि शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय की विभागाध्यक्ष डॉ. अनामिका सारस्वत ने विद्यार्थियों को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि स्पष्ट दृष्टिकोण, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प सफलता की दिशा में आगे बढ़ने के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व विकास के साथ संवाद कौशल और नैतिक मूल्यों पर भी ध्यान देने की सलाह दी। उनके अनुसार, तकनीकी ज्ञान के साथ प्रभावी संवाद और सकारात्मक दृष्टिकोण युवाओं को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाते हैं।
अनुशासन और निरंतर परिश्रम से मिलती है उत्कृष्टता
कार्यक्रम की अतिथि शासकीय पीएम श्री कॉलेज, रतलाम की प्रो. आयुषी सोनी ने कॉलेज जीवन में अनुशासन, नियमित अध्ययन और निरंतर परिश्रम के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सह-शैक्षणिक क्षेत्रों में भी सक्रिय भागीदारी करने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।
तकनीकी दक्षता के साथ सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन
आयोजन के दौरान बीसीए एवं बीएससी (कंप्यूटर साइंस) के विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी समझ, रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, टीम भावना और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करना रहा। विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
अतिथियों का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम में कॉलेज की विभागाध्यक्ष प्रो. दीपिका कुमावत सहित समस्त प्राध्यापकगण एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे। मंच का संचालन प्रो. आंचल नागल ने किया। अंत में कॉलेज प्रशासक प्रो. दिनेश राजपुरोहित ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


