


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले के रावटी पुलिस थाने में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा अपने समर्थकों के साथ एक सोशल मीडिया पोस्ट के विरोध में थाने पहुंच गए थे। पोस्ट में आदिवासियों को नक्सली विचारधारा से जोड़ने पर नाराज उपाध्यक्ष ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में निनामा ने कहा कि “TI से कहो केशु आया है”, यह कहते भी नजर आ रहे हैं कि, “केशु आया है, पूरे थाने को ड्यूटी करना सिखा दूंगा।”
पुलिस ने इस मामले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, आमलीपाड़ा के सरपंच हिंदूसिंग, रावटी के सरपंच कैलाश सहित 25 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि थाने में हंगामा करने के साथ रास्ता रोका गया और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
मामले की शुरुआत हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी कमलेश ग्वालियरी की फेसबुक पोस्ट से हुई। जानकारी के अनुसार, पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि राजनीतिक लाभ के लिए नक्सली विचारधारा से जुड़े लोग सैलाना विधानसभा क्षेत्र में उपद्रव की साजिश रच रहे हैं। पोस्ट में प्रशासन से ध्यान देने और कार्रवाई करने की मांग भी की गई थी। इस पोस्ट को आदिवासी समाज से जोड़कर देखा गया। इसके विरोध में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा शनिवार शाम अपने समर्थकों के साथ रावटी थाने पहुंचे। उन्होंने पोस्ट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिसकर्मियों ने आवेदन लेकर जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही, लेकिन तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया।
टीआई को फोन कर कहा—थाने आ रहे हैं या नहीं?
थाना प्रभारी मनीष डाबर के थाने में मौजूद नहीं होने पर निनामा ने उन्हें फोन किया। बातचीत के दौरान उन्होंने पोस्ट में आदिवासियों को नक्सली बताए जाने पर आपत्ति जताई और थाना प्रभारी को मौके पर आने के लिए कहा। वीडियो में निनामा यह कहते सुनाई देते हैं कि, “होगे तुम थाना प्रभारी, मैं यहां पूरे जिले का जनप्रतिनिधि हूं।” उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए यह भी पूछा कि आखिर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
टेबल पर बैठकर जताई नाराजगी
विवाद के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष पहले थाने में धरने पर बैठ गए। इसके बाद वे अपने समर्थकों के साथ थाने की टेबल पर बैठ गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी बहस हुई। वीडियो में निनामा पुलिसकर्मियों से कहते नजर आते हैं कि आदिवासियों को नक्सली क्यों कहा जा रहा है और कितने लोगों की हत्या या गोलीबारी में उनकी संलिप्तता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों का उल्लेख करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और थाना प्रभारी को मौके पर बुलाने की मांग की।
एसआई से भी हुई तीखी बहस
शनिवार रात सब-इंस्पेक्टर एमआई खान मौके पर पहुंचे। उन्होंने निनामा और उनके समर्थकों को समझाते हुए कहा कि प्राप्त आवेदन की जांच की जाएगी और सोशल मीडिया पोस्ट की साइबर सेल के माध्यम से भी पड़ताल कराई जाएगी।हालांकि, जांच की प्रक्रिया बताने पर निनामा नाराज हो गए। उन्होंने एसआई से सवाल किया कि जब पोस्ट सामने है तो जांच किस बात की की जा रही है। इस पर एसआई ने उनसे संयमित भाषा में बात करने की अपेक्षा जताई। इसके जवाब में निनामा ने कहा कि निवेदन करने के बजाय कार्रवाई की जाए। बातचीत के दौरान उन्होंने पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर तंज भी कसा। देर रात तक वे थाने में मौजूद रहे।
निनामा का पक्ष—आदिवासी समाज को बदनाम करने की कोशिश
जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा का कहना है कि फेसबुक पोस्ट के जरिए सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासियों को नक्सली बताने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि क्षेत्र के विधायक और कई जनप्रतिनिधि आदिवासी समाज से हैं तथा वे सर्वसमाज के साथ मिलकर काम करते हैं। निनामा के अनुसार, उन्होंने थाने में अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है। उनका कहना है कि आदिवासी समाज को इस तरह से जोड़कर पेश करना उचित नहीं है।
टीआई बोले—आवेदन सुना, लेकिन भाषा संयमित नहीं थी
रावटी थाना प्रभारी मनीष डाबर ने बताया कि वे एक अन्य प्रकरण के सिलसिले में थाने से बाहर थे। थाने पर आवेदन लेकर पहुंचे लोगों की बात सुनी गई। उन्होंने यह भी कहा कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष की भाषा संयमित नहीं थी।
पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण
रावटी थाना पुलिस के अनुसार, थाने में हंगामा करने, रास्ता रोकने और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने के आरोप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, दो सरपंचों और 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Website Design By
KAMAKSHI WEB
CONTACT : +91-9753910111


