
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। इंदौर के भागीरथपुरा (Bhagirathpura, Indore) क्षेत्र में दूषित पानी से अब तक 24 लोगों की मौत के बाद पूरे मध्य प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। इस भयावह घटना के बाद रतलाम (Ratlam) में भी कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप और महापौर प्रहलाद पटेल ने जिला एवं नगर निगम प्रशासन को सतर्क करते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए, ताकि आमजन अपनी शिकायत दर्ज करा सके।
लेकिन हकीकत यह है कि निर्देशों और चेतावनियों के बावजूद रतलाम (Ratlam) में न तो सिस्टम की नींद खुली और न ही दूषित पानी की समस्या पर ठोस कार्रवाई हुई। हालात ऐसे हैं कि कहीं लोग पिछले दो साल से परेशान हैं, तो कहीं बीते कई दिनों से गंदे और बदबूदार पानी के उपयोग को मजबूर हैं। यह लापरवाही किसी भी समय रतलाम (Ratlam) को इंदौर जैसी बड़ी त्रासदी की ओर धकेल सकती है।
जारी हुईं हेल्पलाइन, पर कार्रवाई शून्य
कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के निर्देश पर Ratlam जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 07412-270416 जारी किया। वहीं महापौर प्रहलाद पटेल ने नगर निगम स्तर पर 6232006700 नंबर आमजन के लिए उपलब्ध कराया। इन दोनों नंबरों पर बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी हुई है। शिकायतें दर्ज करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचना तक जरूरी नहीं समझ रहे।
वंदेमातरम् NEWS की जमीनी पड़ताल
1) दो साल से परिवार सीवरेज के गंदे पानी से परेशान
ज्योति नगर (चमारिया नाका) निवासी योगेश कसेरा ने 21 नवंबर 2023 को रतलाम कलेक्टर (Ratlam Collector) को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि सीवरेज लाइन का लेवल सही नहीं होने के कारण गंदा पानी उनके घर में घुस रहा है। इससे परिवार के सदस्य लगातार बीमार पड़ रहे हैं और संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। योगेश कसेरा ने अब तक छह बार सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की, लेकिन समाधान के बजाय शिकायतों को जबरन “फोर्स क्लोज” कर दिया गया। दो साल से अधिक समय बीतने के बावजूद समस्या जस की तस है।
2) नजरबाग क्षेत्र में भी दूषित पानी से दहशत
13 जनवरी 2026 को नजरबाग क्षेत्र के रहवासियों ने पिछले एक वर्ष लंबे समय से आ रहे दूषित पानी को लेकर सामूहिक शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप, रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह (Ratlam Collector Misha Singh), नगर निगम आयुक्त अनिल भाना और जलप्रदाय प्रभारी राहुल जाखड़ को सौंपी गई। लिखित शिकायत और हेल्पलाइन पर दर्ज मामलों के बावजूद निगम के जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। क्षेत्रवासियों में भय का माहौल है और उन्हें किसी बड़ी अनहोनी का डर सता रहा है।
3) डोंगरे नगर में सप्लाई के नाम पर गंदगी
गुरुवार को डोंगरे नगर में हुई पानी की सप्लाई ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी। नलों से मीठे पानी की जगह मटमैला और बदबूदार पानी निकला। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। इस तरह की लापरवाही से क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
सवालों के घेरे में जिम्मेदार अधिकारी
लगातार मिल रही शिकायतों, मंत्री और महापौर के स्पष्ट निर्देशों तथा इंदौर (Bhagirathpura, Indore) की दुखद घटना के बाद भी रतलाम (Ratlam) जिला और निगम प्रशासन की उदासीनता कई सवाल खड़े कर रही है। क्या किसी बड़ी जनहानि के बाद ही सिस्टम जागेगा? या फिर आमजन की सेहत यूं ही लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी? रतलाम में दूषित पानी की समस्या अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि एक संभावित त्रासदी का संकेत बन चुकी है।
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