
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार दोपहर उस समय तनावपूर्ण माहौल हो गया, जब एक युवक अपनी प्रेमिका को अपने साथ रखने की जिद पर अड़ गया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब वन स्टॉप सेंटर की टीम युवती को गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगी और युवक गाड़ी के पीछे-पीछे दौड़ पड़ा। कुछ ही क्षणों बाद युवक बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा। परिजन उसे संभालते हुए तत्काल Ratlam अस्पताल लेकर गए। घटना के दौरान Ratlam कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोग भी हैरान रह गए और माहौल में अफरा-तफरी मच गई।
युवक और युवती दोनों Ratlam शहर के निवासी हैं। दोनों के बीच पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध चल रहे थे। परिवार की नाराजगी और साथ रहने की इच्छा के चलते दोनों कुछ दिन पहले घर से भाग गए थे। 2 दिसंबर 2025 को दोनों ने आपसी सहमति से एक स्टांप एग्रीमेंट बनाकर साथ रहने का फैसला किया। लेकिन 4 दिसंबर 2025 को युवती के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना क्षेत्र में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को खोज निकाला।
कानूनी अड़चन ऐसी, जिसने किया जुदा
Ratlam के पुलिस थाने में युवती ने बयान दिया कि वह अपने माता-पिता के साथ वापस नहीं जाना चाहती और युवक के साथ रहना चाहती है। लेकिन कानूनी प्रक्रिया में अड़चन तब आई जब पता चला कि युवक की उम्र अभी 20 साल है। जबकि कानून के अनुसार लड़के के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और लड़की के लिए 18 वर्ष निर्धारित है। इस आधार पर युवक-युवती को कानूनी रूप से पति-पत्नी की मान्यता नहीं मिल सकती है।
कानूनी दलीलों के बीच निर्णय
मंगलवार को युवती को Ratlam वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक नीता परिहार के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट लाया गया और एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव के समक्ष पेश किया गया। अधिकारियों ने दोनों की उम्र संबंधी जानकारी की पुष्टि की। युवती की उम्र 19 साल 10 माह पाई गई, जबकि युवक अभी 20 वर्ष का ही है। इस स्थिति में प्रशासन विवाह या साथ रहने के संबंध में अनुमति नहीं दे सकता था। युवती ने अपने परिजनों के साथ रहने से साफ इंकार किया, लेकिन एडीएम के रिकॉर्ड में यह दर्ज किया गया कि वह अपनी इच्छा से युवक के साथ नहीं जाना चाहती। इसी आधार पर उसे कानूनी संरक्षण प्रदान करते हुए उज्जैन स्थित आश्रय गृह भेजने का आदेश जारी किया गया।
गाड़ी के पीछे दौड़ते हुए बेहोश हुआ युवक
जैसे ही युवती को गाड़ी में बैठाया गया, युवक टूट पड़ा। वह चिल्लाते हुए युवती के साथ रहने की जिद करता रहा और गाड़ी के पीछे दौड़ता रहा। ड्राइवर के गाड़ी तेज ले जाने पर युवक कुछ दूरी पर अचानक गिर पड़ा और बेसुध हो गया। परिजन उसे संभालते हुए रोने लगे और तत्काल बाइक पर अस्पताल ले गए।
परिजनों का आरोप, जबरन अलग किया जा रहा
युवक की मां और बहन ने रतलाम के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उनका बेटा बालिग है और दोनों ने आपसी सहमति से कोर्ट मैरिज भी कर ली है। उन्होंने कहा कि रतलाम प्रशासन जबरदस्ती युवती को अलग कर उज्जैन भेज रहा है। परिजनों का कहना है कि यदि बेटे को कुछ हो गया तो इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी।
अधिकारियों का जवाब, युवती की इच्छा सर्वोपरि
इस मामले में Ratlam वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक नीता परिहार का कहना है कि नियमों के अनुसार लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर शादी या साथ रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। युवती के बयान भी दर्ज किए गए हैं और वह अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती थी, इसलिए कानूनी तौर पर सुरक्षित स्थान यानी उज्जैन के आश्रय स्थल भेजा गया। मामले में Ratlam की अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे लिए युवती की इच्छा महत्वपूर्ण है। उसने लिखा-पढ़ी में यह कहा कि वह फिलहाल युवक के साथ नहीं जाना चाहती। इसलिए उसे सुरक्षित स्थान भेजा गया है।
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