समझाइश: नाबालिग बच्चों से दुकानों पर काम कराया तो खैर नहीं, होगी कार्रवाई

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रतलाम, वन्देमातरम् न्यूज।
महिला बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन के टोल फ्री 1098 नम्बर पर लगातार बाल मजदूरी की शिकायत मिल रही है। जिसके चलते बुधवार को चाइल्ड लाइन टीम ने शहर के मुख्य बाजार राममन्दिर, माणक चौक, नौलाईपुरा, घास बाजार,चांदनी चौक, आदि स्थानों पर भ्रमण किया।
दुकानों व होटलों पर बच्चे काम करते पाए गए वहां चाइल्ड लाइन टीम ने बच्चों से काम ना कराने की समझाईश दी व बाल संरक्षण अधिनियम के कानून ,दण्ड व जुर्माना आदि के बारे में बताया गया। साथ चाइल्ड लाइन टीम द्वारा दुकान संचालको को हिदायत दी गई कि यदि बच्चे दोबारा काम करते पाये जाते हैं तो दुकान संचालक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही होगी, जिसके जिम्मेदार वे स्वयं होंगे। चाइल्ड लाइन जिला समन्वयक प्रेम चौधरी ने बताया कि वह बच्चे जिनकी उम्र चौदह वर्ष से कम है उन बच्चो से किसी भी तरह का काम नही लिया जा सकता है। यह बाल श्रम अपराध की श्रेणी में आता हैं और वो बच्चे जिनकी उम्र चौदह से 18 वर्ष के बीच है उनसे जोखिम भरा काम नही लिया जा सकता है। अधिनियम 2016 की धारा 3 एवं 3 के अनुसार दुकान संचालक पर 20,000 से 50,000 का जुर्माना व छ: माह से दो वर्ष तक कारावास का प्रावधान  है। निरन्तरित कार्य पर पर रखने पर धारा 14(2) के अंतर्गत एक से तीन वर्ष का कारावास का प्रावधान है। त्यौहारो के चलते छोटे बच्चे काम करने के लिये नगरो में आ जाते है और दुकान व होटलो के मालिक कम पैसो में उन्हें काम पर रख लेते है चाइल्ड लाइन टीम द्वारा ऐसे बच्चो से काम करवाने वालों को समझाइश दी जा रही है फिर भी बच्चे दुकानों और होटलो काम करते पाए गए तो रेस्क्यू कर बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया जाएगा व दुकानों व होटलों पर बाल श्रम कानून तहत कार्यवाही की जायेगी। चाइल्ड लाइन टीम में जिला समन्वयक प्रेम चौधरी, काउन्सलर सुनिता देवड़ा, टीम सदस्य अरुण भल्ला, दिव्या उपाध्याय, लोकेश पाटीदार, विनोद राठौर, बलराम पाटीदार मौजूद रहे।

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