केके शर्मा
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
प्रदेश शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में बैठकों व अन्य कार्यों में महिला सरपंच पतियों की दखलंदाजी पर तो रोक लगाई जा चुकी है, लेकिन ठीक इसके विपरीत जिला पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों ( निर्वाचित सदस्य) के पति बिना किसी रोक टोक के बैठकों में शामिल हो रहे हैं। ऐसा ही नजारा मंगलवार को जिला पंचायत रतलाम में देखने को मिला।

जिला पंचायत सभागार में 15वें वित्त राशि से किये जाने वाले विकास कार्यों को लेकर एक बैठक रखी गई। हालांकि अधिकारी इसे प्रशिक्षण का नाम दे रहे हैं। प्रशिक्षण जिला पंचायत अध्यक्ष लाला बाई व जिला पंचायत सीईओ जमुना भिड़े की उपस्थिति में रखा गया। संबंधित विभाग के अधिकारी सुजीत मालवीय ने प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी दी। सदस्यों को 15वें वित्त आयोग की राशि के कार्यों के प्रस्ताव कैसे देना है, काम कैसे करना है आदि जानकारी दी गई। जिला पंचायत के 16 सदस्य में केवल 9 ही सदस्य शामिल हुए। इसमें से केवल जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा दो अन्य महिला सदस्य उपस्थित थीं। जबकि शेष पुरुष थे। जो महिला सदस्य नहीं आई उनके पति इस प्रशिक्षण में बैठे थे बकायदा वो अधिकारियों से सवाल जवाब भी कर रहे थे।
यहां तक जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा उनके व दो अन्य मौजूद महिला सदस्यों के पति भी बैठे थे। सदस्य आरती जाट, चंपा मईड़ा व अन्य भी अनुपस्थित थी, इनके स्थान पर इनके पति पवन जाट, चंदू मईड़ा, बैठे रहे। यहां तक अन्य कुछ बाहरी लोग भी मौजूद रहे। इस संबंध में जब जिला पंचायत के अधिकारियों से भी बात करना चाही तो कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं था। वही जिला पंचायत सीईओ जमुना भिड़े को भी कॉल किया लेकिन रिसीव नहीं किया।
कलेक्टर दे चुके है आदेश
बता दे कि ग्राम पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों के पतियों की बैठक व अन्य कामकाज में सहभागिता करने पर कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी कार्रवाई के निर्देश भी जारी कर चुके है। इसके बाद भी महिला जनप्रतिनिधियों के पति और अन्य परिजन नियम विपरीत बैठकों के अलावा कार्यों में निरन्तर दखल दे रहे हैं।
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