जघन्य अपराध में न्याय : 12 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले 55 वर्षीय अभियुक्त को आजीवन कारावास

जघन्य अपराध में न्याय : 12 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले 55 वर्षीय अभियुक्त को आजीवन कारावास

रतलाम, वन्देमातरम् न्यूज।
चार वर्ष पूर्व 12 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में पीड़िता को न्याय दिलाते हुए 55 वर्षीय अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सोमवार को यह महत्वपूर्ण फैसला पॉक्सो एक्ट जावरा जिला रतलाम (म.प्र.) न्यायालय के विशेष न्यायाधीश मोहित कुमार ने सुनाया।
सहायक अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी शिव मनावरे ने बताया उक्त जघन्य एवं सनसनीखेज चिन्हित श्रेणी के प्रकरण में पैरवी विशेष लोक अभियोजक विजय पारस ने की। विशेष लोक अभियोजक पारस ने बताया अभियुक्त बाबूलाल पिता भागीरथ पाटीदार (उम्र 55 साल) निवासी थाना अंतर्गत कालूखेडा जिला रतलाम को धारा 376(2)आई भादवि में आजीवन कठोर कारावास जो शेष प्राकृत जीवन काल तक के लिए एवं 5000 रुपए अर्थदण्ड तथा धारा 506 बी भादंवि में 3 वर्ष का कठोर कारावास व 500 रुपए अर्थदंड से दण्डित किया गया।
नमकीन सेंव लेकर बुलाया घर और किया दुष्कर्म
विशेष लोक अभियोजक विजय पारस ने बताया 10 मार्च 2018 को 12 वर्षीय बालिका ने दादा-दादी के साथ थाना रतलाम स्टेशन रोड पर पहुंचकर शिकायत की थी। बालिका ने बताया था कि 6 माह पूर्व वह अपने भैंसों के बाडे मे गयी थी। आरोपी बाबूलाल वहाँ आया और उससे बोला की मेरे लिए सेंव (नमकीन) लेकर आ जा तो वह किराने की दुकान से सेंव लेकर बाबूलाल को देने उसके घर गयी थी। तभी बाबूलाल ने उसका हाथ पकड़कर उसे कमरे में ले जाकर जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया। बाबूलाल ने उसेे धमकी दी थी कि अगर यह बात किसी को बताई तो वह उसे व उसके परिवार को जान से खत्म कर देगा। इस धमकी के डर के कारण अपने साथ हुई घटना के बारे में किसी को नही बताया। पेट दर्द होने पर पीड़िता को उसके दादा-दादी अस्पताल लेकर आये जहां उन्हें बालिका के गर्भवती होने का पता चला था। इसके बाद थाने में अभियुक्त बाबूलाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। पीड़िता ने 24 अप्रैल 2018 को शिशु को जन्म दिया था, जिसकी अगले दिन मृत्यु हो गई थी।

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