
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम में निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स (Nimantran Heights Builders) पर कॉलोनियों में सरकारी जमीन पर अवैध बगीचा निर्माण और बगीचे के सामने भूखंड़ों को अधिक दामों पर विक्रय कर लाभ अर्जित करने के गंभीर आरोप लगे है। गंभीर शिकायत भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वल्लभ भवन कार्यालय पहुंची है। शिकायतकर्ता ने मामले में 32 हजार स्क्वेयर फीट से अधिक सरकारी जमीन मुक्त कराने के साथ निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स (Nimantran Heights Builders) के कॉलोनाइजर विजय पिता रमेशचंद्र जैन और अनिल पिता हीरालाल पीपाड़ा दोनों निवासी बजाज खाना रतलाम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पहुंची शिकायत में निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स (Nimantran Heights Builders) के खिलाफ गंभीर आरोपों के साथ सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से किए कब्जे संबंधित प्रमाण भी प्रस्तुत किए हैं। इसके अलावा उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
रतलाम में फुटपात विक्रेताओं को हटाने के साथ शासकीय भूमि पर निर्मित झोपड़ी तोड़ निम्न तपके के लोगों को बेघर करने वाला जिला व निगम प्रशासन पूरे मामले में आंखें मूंदे बैठा है। निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स (Nimantran Heights Builders) द्वारा डेढ़ बीघा से अधीक शासकीय भूमि पर बगीचा निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर जिम्मेदार अब सवालों से घिर चुके हंै। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वल्लभ भवन कार्यालय में सरकारी जमीन पर अवैध बगीचा निर्माण की दस्तावेजों और प्रमाणों के साथ शिकायत पहुंचने के बाद जिला और निगम प्रशासन में हडक़ंप है। शिकायतकर्ता सुरेश कुमार ने निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स (Nimantran Heights Builders) विजय जैन और अनिल पीपाड़ा को संरक्षण देने वाले स्थानीय प्रशासन के पूर्व और वर्तमान जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स (Nimantran Heights Builders) पर शिकायतकर्ता ने रतलाम जिला प्रशासन, नगर पालिक निगम, नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय के उपसंचालक सहित कार्यालय कलेक्टर (नजूल) विभाग के तत्कालीन और वर्तमान अधिकारी-कर्मचारी और पटवारियों की संलप्तिा को लेकर भी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स (Nimantran Heights Builders) द्वारा कॉलोनियों के निर्माण के दौरान 32 हजार से अधिक स्क्वेयर फीट जमीन पर अवैध कब्जा कर बगीचे का निर्माण किया है जो कि नियम विपरित है। मामले में अब उच्चस्तरीय जांच शुरू होने के बाद ही सामने आएगा कि निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स (Nimantran Heights Builders) द्वारा सांठगांठ कर किस तरह शासकीय भूमि पर बगीचे तैयार कर नियमों का दुरुपयोग कर अवैध लाभ प्राप्त किया है। मुद्दे पर निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स (Nimantran Heights Builders) विजय जैन और अनिल पीपाड़ा से पक्ष लेने के लिए संपर्क किया, लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।
निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स पर यह हो सकती कार्रवाई
जांच के बाद निमंत्रण हाइट्स बिल्डर्स (Nimantran Heights Builders) पर सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर धारा 91 के तहत केस दर्ज हो सकता है। इसके अलावा दोनों कॉलोनाइजरों के खिलाफ धारा 91 के तहत लगान का 50 गुना जुर्माना भी लग सकता है। कानून के जानकारों के मुताबिक स्वीकृत कॉलोनी के ले-आउट (नक्शा) के विपरित सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा या निर्माण करना रेरा सहित अन्य एजेंसियों से प्राप्त कॉलोनी विकास अनुमति स्वत: निरस्त मानी जाती है। इसके बाद भी अब तक जिम्मेदारों का आंखें मूंदे रखना कई गंभीर सवालों को जन्म दे चुका है।
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