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Saturday, March 2, 2024

महर्षि अरविंद के 150वें जन्मदिवस पर हुआ व्याख्यानमाला का आयोजन, उपस्थित अतिथियों ने रखे अपने विचार

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
महर्षि अरविन्द के 150वें जन्म वर्ष (सार्धशती) पर पूरे प्रदेश में 1 से 31 अगस्त तक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है, इसी श्रंखला में डॉ. कैलाशनाथ काटजू विधि महाविद्यालय आनंद कॉलोनी रतलाम में “महर्षि अरविंद का जीवन अध्यात्म व राष्ट्रीयता” विषय पर जिला स्तरीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महर्षि अरविंद द्वारा रचित दुर्गा स्त्रोत व जीवनी का पाठन अरविंद सोसायटी की ऋतम उपाध्‍याय के द्वारा किया गया, वंदेमातरम का गायन संजय चौहान के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया। सभी प्रतिभागियों को मिटटी की गणेश प्रतिमा निर्माण का प्रशिक्षण सेवा भारती के योगेश जाट के द्वारा दिया गया।

व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष विभाष उपाध्याय, महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान अध्यक्ष एवं योग आयोग उपाध्यक्ष भरत बैरागी मुख्य अतिथि रहे, अध्यक्षता महापौर प्रहलाद पटेल ने की, विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी मनोहर पोरवाल, युवा प्रकोष्ठ गायत्री परिवार प्रदेश समन्वयक विवेक चौधरी, एमआईडीएच कमेटी भारत सरकार के सदस्य अशोक पाटीदार, प्रदेश किसान मोर्चा के हरिराम शाह, भारतीय जनता पार्टी जिला उपाध्यक्ष सुनील सारस्वत तथा मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संभाग समन्वयक शिव प्रसाद मालवीय, जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय, की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

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कार्यक्रम में उपस्थित श्रोता

इस अवसर पर जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष विभाष उपाध्याय ने कहा कि अरविन्द घोष एक महान योगी और दार्शनिक के अलावा लेखक, चिंतक तथा विचारक भी थे। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का मार्गदर्शन करते रहे। उनके दर्शनशास्त्र का पूरे विश्व पर प्रभाव रहा है। उन्होंने वेद, उपनिषद आदि ग्रंथों पर टीका के साथ ही योग साधना पर मौलिक ग्रंथ लिखे। भारत की रक्षा विश्‍व की रक्षा होगी, हम सौभाग्‍यशाली है जो भारत का परिवर्तन, उत्‍थान देख रहे है।

महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान अध्यक्ष एवं योग आयोग उपाध्यक्ष भरत बैरागी ने कहा कि अरविन्द का शिक्षा-दर्शन लक्ष्य की दृष्टि से आदर्शवादी, उपागम की दृष्टि से यथार्थवादी, क्रिया की दृष्टि से प्रयोजनवादी तथा महत्त्वाकांक्षा की दृष्टि से मानवतावादी है। हमें इस दृष्टिकोण को शिक्षा में अपनाना चाहिए।

महापौर प्रहलाद पटेल ने बताया कि महर्षि अरविन्द क्रांतिकारी होने के साथ-साथ प्रखर राष्ट्रवादी पत्रकार, लेखक, कवि व योगी भी थे. उनके देश के प्रति समर्पण ने अनेक युवाओं को प्रेरित किया. भारत माता एवं उज्‍जवल भारत की संकल्पना उनके मन में बसी थी।

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महर्षि अरविंद के 150वें जन्मदिवस पर हुआ व्याख्यानमाला का आयोजन, उपस्थित अतिथियों ने रखे अपने विचार 3

कार्यक्रम में समाजसेवी मनोहर पोरवाल, युवा प्रकोष्ठ गायत्री परिवार प्रदेश समन्वयक विवेक चौधरी, एमआईडीएच कमेटी भारत सरकार के सदस्य अशोक पाटीदार, तथा मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संभाग समन्वयक शिव प्रसाद मालवीय के द्वारा भी विचार व्‍यक्‍त कियें गये।

कार्यक्रम का संचालन लोकेश शर्मा भूतेडा के द्वारा किया गया स्‍वागत‍ भाषण जिला समन्‍वयक रत्‍नेश विजयवर्गीय के द्वारा तथा आभार विकासखण्‍ड समन्‍वयक शैलेन्‍द्र सिंह सोंलकी के द्वारा किया गया। सभी अतिथियों को स्‍मृति चिन्‍ह हेतु अरविंद जीवन पर आधारित पुस्‍तक भेंट व पौधे भेंट किये गये तथा कार्यक्रम में पार्षद गण, वरिष्‍ठ नागरिक, अरविदं सोसायटी के सभी सदस्‍य सहित विभिन्‍न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, निज सहायक उपाध्‍यक्ष जय दीक्षित उज्‍जैन, म.प्र. जन अभियान परिषद के विकासखण्‍ड समन्‍वयक निर्मल अमलियार, रतनलाल चरपोटा, युवराज सिंह पंवार, परामर्शदाता, सीएमसीएलडीपी छात्र, प्रस्‍फुटन नवांकुर समिति पदाधिकारी, समाजसेवी, आदि उपस्थित रहे।

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