
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के रतलाम (Ratlam) आगमन के दौरान शनिवार को रतलाम की जनता काफी परेशान हुई। BJYM प्रदेशाध्यक्ष टेलर के रतलाम (Ratlam) दौरे के बीच कई मायने निकाले जा रहे हैं। जल्द होने वाली भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) जिलाध्यक्ष की नवीन घोषणा से ठीक पहले प्रदेशाध्यक्ष टेलर का दौरा शक्ति प्रदर्शन के रूप में नजर आया। खास बात यह भी है कि रतलाम (Ratlam) शहर की सुगम यातायात व्यवस्था दर्शाने के लिए Ratlam शहर एसडीएम द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश टेलर के दौर के दौरान हवा होता नजर आया। आदेश जारी करने वाले जिला और पुलिस प्रशासन भाजयुमो (BJYM) प्रदेशाध्यक्ष टेलर के दौरे में मूकदर्शक नजर आए।
भाजयुमो (BJYM) प्रदेश अध्यक्ष टेलर के Ratlam आने के पहले कार्यकर्ताओं ने रोड पर कई मंच बनाए हैं। स्वागत के लिए जेसीबी खड़ी की हैं। कई रास्ते बंद हो गए। इससे आमजन परेशान होते नजर आए हे हैं। रतलाम के मित्र निवास रोड तिराहे पर सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, थाना औद्योगिक टीआई सत्येंद्र रघुवंशी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव पुलिस बल के साथ ट्रेफिक व्यवस्था संभालनी पड़ी। इसके बावजूद अनुशासन की दुहाई देने वाली भारतीय जनता पार्टी आमजनता को होने वाली परेशानी को नजर अंदाज करते दिखाई दी।
तेज रफ्तार से गाड़िया टकराई
Ratlam जिले में प्रवेश कर चुके काफिले में शामिल कई गाड़ियां तेज रफ्तार के कारण आपस में टकरा गईं। यह घटना फोरलेन मार्ग पर सरवड़-जमुनिया के पास हुई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार काफिले में शामिल वाहनों की गति काफी तेज थी। अचानक ब्रेक लगने और दूरी न होने के कारण काफिले की गाड़ियों में भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद कुछ समय के लिए फोरलेन पर वाहनों को रोकना पड़ा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कुछ देर बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को साइड में कर काफिला आगे के लिए रवाना हुआ।
तीन दिन पहले यह आदेश हुआ था जारी
Ratlam City में शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुगम बनाने के लिए एसडीएम रतलाम शहर आर्ची हरित ने तीन दिन पूर्व धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया था। यह आदेश आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा। इसके अनुसार जिला न्यायालय, कलेक्टोरेट, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी कार्यालयों के आसपास भीड़ जमा करने या धरना देने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ध्वनि विस्तार यंत्रों का उपयोग निषिद्ध होगा। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक या सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रैली, जुलूस या धरना प्रदर्शन करने से 24 घंटे पूर्व वैधानिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। धरना, आंदोलन इत्यादि हेतु टेंट-पंडाल आदि का निर्माण सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किए बगैर नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद रतलाम में जारी इस आदेश को बेशर्मी पूर्वक चंद चंद कदमों पर चकनाचूर करते हुए देखा गया। जनता का रतलाम जिला प्रशासन से सबसे बड़ा सवाल है कि उनमें अब कार्रवाई की हिम्मत है ?
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