
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। जिले की वादियों में पवन ऊर्जा का निर्माण करने वाली सुजलॉन कंपनी ( Suzlon Energy ) के कर्मचारियों के खिलाफ रतलाम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। 11 माह पहले चोरी की शंका में सुजलॉन कंपनी ( Suzlon Energy ) के सुपरवाइजर और गार्डों ने युवक की पीट पीट कर बेरहमी से हत्या कर साक्ष्य छिपाने का गंभीर अपराध किया था रतलाम कोर्ट ने बहुचर्चित और सुजलॉन कंपनी ( Suzlon Energy ) के सुपरवाइजर और गार्डों के जघन्य अपराध में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि सुजलॉन कंपनी ( Suzlon Energy ) के अभियुक्त 7 कर्मचारियों ने चोरी की शंका में बेरहमी से पीटकर युवक की हत्या की थी। बहुचर्चित मामले में सात आरोपियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी आरोपी सुजलॉन कंपनी ( Suzlon Energy ) के सुपरवाइजर और गार्ड हैं। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने यह सजा सुनाई। खास बात यह रही कि मामला नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चला और गवाह शुरू होने के सिर्फ 11 माह में फैसला आ गया।
कौन हैं उम्रकैद के दोषी
कोर्ट ने जिन सात आरोपियों को दोषी पाया, वे सभी सुजलॉन कंपनी ( Suzlon Energy ) से जुड़े हैं—
जुझार डिंडोर, ड्राइवर
संतोष कटारा, सुपरवाइजर
कन्हैयालाल मईड़ा, सुपरवाइजर
रामसिंह गरवाल, गार्ड
जगदीश मईड़ा, गार्ड
जुझार मईड़ा, गार्ड
धारजी कटारा, गार्ड
सभी को BNS की धारा 103(1) में उम्रकैद और 3000 रुपए जुर्माना, धारा 238 में 7 साल कैद और 1000 रुपए जुर्माने की सजा दी गई।
ऐसे खुला था राज
31 अक्टूबर 2024 को सैलाना के गौधुलिया तालाब के पास मणीलाल (निवासी रामपुरिया) का शव मिला। शरीर पर 15 चोटें थीं, पोस्टमार्टम में मौत का कारण पिटाई ही सामने आया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक को फतेहगढ़ मगरा स्थित सुजलॉन कंपनी ( Suzlon Energy )ऑफिस ले जाया गया था। सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों को बोलेरो से लाते हुए और मारपीट करते और शव ले जाते हुए देखा गया।
चोरी के शक में पीटा, फिर शव फेंक दिया
जांच में साबित हुआ कि आरोपियों ने कंपनी के पंखों की केबल चोरी की शंका में मणीलाल को पकड़ा था। ऑफिस में लाकर लाठी-डंडों और वायर से पीटा। हालत बिगड़ने पर बोलेरो से सैलाना तालाब पर फेंककर भाग गए थे।
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