
– मोटरसाइकिल पर घर छोड़ने के बहाने महिला से किया था दुष्कर्म
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। छह वर्ष पूर्व महिला से विश्वासघात कर दुष्कर्म के मामले में रतलाम की कोर्ट ने सजा सुनाई है। न्यायाधीश बरखा दिनकर ने ग्राम धोलपुर निवासी लाल बिहारी (34) पिता मडिया मुनिया को दुष्कर्म के आरोप में दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में कुल 10 वर्ष का सश्रम कारावास और अर्थदंड का जुर्माना सुनाया है।


प्रकरण के पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने बताया कि घटना 26 मई 2019 की रात्रि की है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह आदिवासी अंचल में भोपा को नारियल चढ़ाने ग्राम देवका गई थी और बाद में ग्राम ठिकरिया से पैदल-पैदल बाजना की ओर जा रही थी। इस दौरान सूरज बड़ला रोड स्थित स्कूल के सामने आरोपी लाल बिहारी मोटरसाइकिल से पहुंचा और पीड़िता से कहा कि वह उसे घर छोड़ देगा। आरोपी ने भरोसे का फायदा उठाकर पीड़िता को ग्राम कानवा छावनी ले जाकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने मोटरसाइकिल से कूदने की कोशिश की लेकिन आरोपी ने उसे पकड़ लिया। बाद में पीड़िता ने पूरी घटना की जानकारी अपने पति को दी। इसके बाद बाजना थाना में मामला दर्ज किया गया था।



44 तारीखों की सुनवाई के बाद लाल बिहारी दोषी
पुलिस द्वारा की गई जांच में डीएनए रिपोर्ट सकारात्मक पाई गई थी। जिससे आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। पूरे प्रकरण की सुनवाई न्यायाधीश बरखा दिनकर की अदालत में हुई। कुल 44 तारीखों में सुनवाई के बाद आरोपी लाल बिहारी को दोषी पाते हुए धारा 366 (अपहरण) के तहत 8 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 का जुर्माना, धारा 376(1) (दुष्कर्म) के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1000 का जुर्माना और धारा 506 भाग-2 ( धमकी) के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹500 का जुर्माने की सजा सुनाई गई। अभियुक्त लाल बिहारी को सभी सजाएं एक भोगनी पड़ेगी।




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