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रतलाम के अनुराग को रुस्तमजी पुरस्कार : बहादुरी से रोकी पुलिस राइफल की लूट, शॉर्ट एनकाउंटर से बचाई बड़ी घटना

रतलाम के अनुराग को रुस्तमजी पुरस्कार : बहादुरी से रोकी पुलिस राइफल की लूट, शॉर्ट एनकाउंटर से बचाई बड़ी घटना

– विशिष्ट श्रेणी में चयन, मिलेगा ₹50 हजार का नकद पुरस्कार और सम्मान पत्र 

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। जिला मुख्यालय रतलाम के माणक चौक थाना प्रभारी (टीआई) अनुराग यादव को उनकी उत्कृष्ट बहादुरी के लिए मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा “केएफ रुस्तमजी पुरस्कार” (वर्ष 2021-2022, विशिष्ट श्रेणी) से सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान के तहत यादव को ₹50,000 नकद और एक सम्मान-पत्र प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें 2022 में किए गए एक साहसिक शॉर्ट एनकाउंटर के लिए दिया जा रहा है, जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मी से इंसास राइफल छीनकर भाग रहे कुख्यात अपराधी अकबर घोसी को पैर में गोली मारकर दबोच लिया था, जिससे एक बड़ी अनहोनी टली थी।

बता दें कि 21 जनवरी 2022 को अंतरराज्यीय बदमाश अकबर घोसी, निवासी कसाई मंडी (रतलाम) ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति से जबरन वसूली की कोशिश की। असफल होने पर उसने फायरिंग कर दी और फरार हो गया। पुलिस ने 24 जनवरी को उसे प्रतापगढ़ (राजस्थान) से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि भागने के दौरान इस्तेमाल की गई बाइक और पिस्टल नागदा जंक्शन स्टेशन के बाहर छिपाई थी। जब पुलिस टीम उसे बरामदगी के लिए ले जा रही थी, तब रास्ते में बाराखेड़ा क्षेत्र में उसने लघुशंका का बहाना बनाया। इसी दौरान घोसी ने आरक्षक दिलीप पर हमला कर दिया और उससे इंसास राइफल छीनकर भागने लगा। स्थिति गंभीर होते देख टीआई अनुराग यादव ने पहले चेतावनी दी, फिर हवाई फायर किया। जब घोसी नहीं रुका, तो उन्होंने उसके पैर में गोली मार दी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

यदि समय रहते यादव ने यह साहसिक निर्णय नहीं लिया होता, तो घोसी उस राइफल से पुलिस बल पर हमला कर सकता था और कई जानें जा सकती थीं।

पहले भी मिल चुके हैं पुरस्कार

यादव को वर्ष 2020 में गुजरात में हत्या कर चुके सीरियल किलर दिलीप देवल का एनकाउंटर करने पर डीजीपी से ₹10,000 का नकद पुरस्कार मिला था। इसी प्रकार फरवरी 2025 में ₹65 लाख की चोरी ट्रेस करने के लिए डीजीपी कैलाश मकवाना ने भी ₹10,000 का नकद पुरस्कार दिया था।

रुस्तमजी पुरस्कार का महत्व

केएफ रुस्तमजी मध्यप्रदेश पुलिस के 1958 में प्रमुख रहे थे। उन्होंने चंबल के कुख्यात डकैतों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया और 1965 में बीएसएफ के पहले महानिदेशक बने। उनकी स्मृति में 2013 से यह पुरस्कार शुरू किया गया, जो पुलिस के तीन स्तरों—परम विशिष्ट, अति विशिष्ट और विशिष्ट श्रेणी में दिया जाता है। यह पुलिस बल के साहस, समर्पण और कार्यकुशलता को मान्यता देने का एक प्रयास है।


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Aseem Raj Pandey
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वर्ष-2000 से निरतंर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विगत 22 वर्षों में चौथा संसार, साभार दर्शन, दैनिक भास्कर, नईदुनिया (जागरण) सहित अन्य समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल वंदेमातरम् न्यूज के प्रधान संपादक की भूमिका का निर्वहन। वर्ष-2009 में मध्यप्रदेश सरकार से जिलास्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार के अलावा रतलाम प्रेस क्लब के सक्रिय सदस्य। UID : 8570-8956-6417 Contact : +91-8109473937 E-mail : asim_kimi@yahoo.com

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