
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) में एक बड़े ग्रेन (अनाज) और माइनिंग व्यवसायी सैय्यद अख्तर अली (Syed Akhtar Ali) और फरार भाई-बहनों पर कानूनी शिकंजा अब बढ़ता जा रहा है। 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी में एफआईआर के बाद से फरार SMO Ferro Alloys Private Limited कंपनी के मालिक सैय्यद अख्तर अली (60) (Syed Akhtar Ali) पिता वाहिद अली , भाई सैय्यद मोहब्बत अली (51), सैय्यद अफसर अली (49) सहित बहने अलताफ बी (55) और फिरोजा बी (56) के खिलाफ रतलाम एसपी अमित कुमार ने फरार घोषित करते हुए सभी पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इसके पूर्व 25 मार्च 2026 को रतलाम कोर्ट के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कटारे ने सभी फरार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

रतलाम की स्टेशन रोड पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अब तक अलग-अलग ठिकानों पर आधा दर्जन से अधिक बार दबिश मार चुकी है, लेकिन गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिली। खास बात यह है कि रतलाम पुलिस (Ratlam Police) की एक टीम ने सैय्यद अख्तर अली (Syed Akhtar Ali) की तलाश में उसके झाबुआ जिले के मेघनगर में संचालित SMO Ferro Alloys Private Limited कंपनी के मुख्यालय पर भी दबिश दी है। दबिश के दौरान पुलिस को SMO Ferro Alloys Private Limited कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला।
26 दिन पहले दर्ज हुई थी FIR
ग्रेन और माइनिंग का दंभ भरने वाला प्रसिद्ध व्यवसायी सैय्यद अख्तर अली (Syed Akhtar Ali) और उसके भाई-बहनों के खिलाफ रतलाम (Ratlam) के स्टेशन रोड पुलिस थाने पर 2 मार्च 2026 को एफआईआर (FIR) दर्ज हुई थी। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अभी तक उसके अहिंसा ग्राम बायपास मार्ग स्थित आलीशान बंगले के अलावा स्थानीय कार्यालय सहित रहमत नगर निवासी बहन के घर के अलावा मेघनगर और इंदौर में भी दबिश मार चुकी है। इसके बाबजूद अभी तक पुलिस की गिरफ्त से SMO Ferro Alloys Private Limited कंपनी का फाउंडर सैय्यद अख्तर अली (Syed Akhtar Ali) सहित अन्य आरोपी भाई-बहन फरार हैं।
व्यवसायी ने करवाई 90 लाख ठगी की FIR
धोखाधडी की एफआईआर (FIR ) ऑटो मोबाइल व्यवसायी विजय कटारिया ने रतलाम (Ratlam) में बड़े ग्रेन (अनाज) और माइनिंग व्यवसायी SMO Ferro Alloys Private Limited कंपनी के मालिक सैय्यद अख्तर अली (60) (Syed Akhtar Ali) पिता वाहिद अली , भाई सैय्यद मोहब्बत अली (51), सैय्यद अफसर अली (49) सहित बहने अलताफ बी (55) और फिरोजा बी (56) के खिलाफ दर्ज कराई। फरियादी विजय पिता मांगीलाल कटारिया ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व 2021 में सर्वे क्रमांक 221 /1 और 221 /2 जो की 2 .2350 व 2 .2350 हेक्टेयर भूमि का सौदा पांच भाई बहन में मुख्य आरोपी सैय्यद अख्तर अली, अफसर अली, मोह्हबत अली, अलताब बी, फिरोज बी से 2 करोड़ 70 लाख रुपए में करार हुआ था। जिसका 90 लाख रुपए बतौर एडवांस आरोपियों को दिया था। करार के अनुसार बाकी का बची हुई राशि दो वर्ष बाद रजिस्ट्री पर देना था।
5 वर्ष तक सैय्यद अख्तर अली करता रहा टाल-मटोल
फरियादी कटारिया जब भी सैय्यद अख्तर अली से रजिस्ट्री करवाने या 90 लाख रुपए देने का कहता तो आरोपी अख्तर टालमटोली कर देता और बहाने बनाने लग जाता। मामले को अब पांच वर्ष बीत गए परन्तु अभी तक आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई। पीडि़त फरियादी विजय ने पुलिस को लिखित शिकायत की थी, शिकायत की जांच के बाद रतलाम के स्टेशन रोड पुलिस ने मामले में 2 मार्च 2026 को ग्रेन और माइनिंग का दंभ भरने वाला प्रसिद्ध व्यवसायी सैय्यद अख्तर अली सहित उसका भाई अफसर अली, मोह्हबत अली सहित बहनें अलताब बी, फिरोज बी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया था।
बेटे मुर्तजा अली के नाम करवा दी रजिस्ट्री
पुलिस जांच में सामने आया कि उक्त भूमि बेचान करार से पूर्व बैंक में गिरवी रख कर लोन लिया हुआ था। आरोपियों ने उसी दरमियान उक्त भूमि का बैंक लोन चूका दिया और आरोपी अफसर अली, मोह्हबत अली, अलताब बी, फिरोज बी ने छल करते हुए पूरी भूमि को सैय्यद अख्तर अली के नाम हक त्याग की रजिस्ट्री करवा दी। आरोपी अख्तर अली ने कुछ दिनों बाद उक्त भूमि बेटे मुर्तजा अली के नाम रजिस्ट्री करवा दी। मुर्तजा अली ने उक्त भूमि को एचडीएफसी बैंक में रखकर फिर से लोन ले लिया था। बता दे की, सफेद पोश की आड़ में आरोपी सैय्यद अख्तर अली के खिलाफ चर्चा है कि इसने सरकारी बैंको को ही नहीं बल्कि प्रायवेट बैंको से भी धोखाधड़ी की है, जिसको लेकर कुछ बैंक राशि प्राप्ति के लिए कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर चुकी है।
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