– राजस्थान के बाड़मेर निवासी व्यापारी से शातिर अभियुक्त ने की थी 5 लाख रुपए की डिमांड
रतलाम/इंदौर वंदेमातरम् न्यूज। सात वर्ष पूर्व रतलाम के सालाखेड़ी में बस से लापता हुए मां-बेटे के बहुचर्चिच मामले में इंदौर कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। प्रेमी संग भागी मां ने मासूम का जबरन धर्म परिवर्तन और खतना कराया। रतलाम में मां-बेटे की गुमशुदगी और इंदौर के खजराना थाने में राजस्थान के बाड़मेर निवासी व्यापारी द्वारा पत्नी प्रार्थना शिवहरे(27), उसके प्रेमी इलियास अहमद (33) और मोहम्मद जफर अली (37) निवासी शाजापुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। उक्त प्रकरण में इंदौर कोर्ट ने 8 साल के मासूम के जबरन धर्म परिवर्तन और खतना करने के केस में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
राजस्थान में बाड़मेर निवासी व्यापारी महेश नाहटा ने पत्नी प्रार्थना (27) और मासूम बेटे के लापता होने पर रतलाम में 25 फरवरी -2018 को गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। इसके बाद जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी प्रार्थना प्रेमी इलियास अहमद के साथ भागी है और उसके बेटे का खतना करवाकर दस्तावेजों में पिता के नाम की जगह इलियास अहमद ने अपना नाम लिखवा लिया है। इसके बाद वर्ष-2023 में व्यापारी नाहटा ने उक्त प्रकरण में इंदौर के खजराना थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने नाहटा की पत्नी प्रार्थना शिवहरे (27), उसके बॉयफ्रेंड इलियास अहमद (33 वर्ष) निवासी इंदौर और मोहम्मद जफर अली (37 वर्ष) निवासी शाजापुर को गिरफ्तार किया था। इंदौर कोर्ट ने पीडि़त बच्चे की मां सहित तीन आरोपियों को धारा 467 एवं 471 में 10-10 साल का सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपए का जुर्माना, धारा 5 धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 में 7-7 साल का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए का जुर्माना जबकि धारा 420 और 468 में 5-5 साल का सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
गुमशुदगी की जांच में खुले थे राज
रतलाम स्टेशन रोड थाना अंतर्गत सालाखेड़ी पुलिस चौकी पर दर्ज गुमशुदगी की जांच में सामने आया था कि फरियादी व्यापारी की पत्नी प्रार्थना इंदौर निवासी इलियास कुरैशी के साथ भागी है। पुलिस ने इलियास को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। कुछ समय बाद इलियास जमानत पर छूट गया था। अनाज व्यापारी महेश नाहटा ने इंदौर में दर्ज करवाई एफआईआर के दौरान बयान में बताया था कि जून-2014 में उसकी शाजापुर निवासी प्रार्थना से शादी हुई थी। वर्ष-2015 में बेटा हुआ। सब कुछ ठीक चल रहा था। 25 फरवरी-2018 को वह पत्नी और बेटे के साथ शाजापुर आया था। यहां एक सगाई अटैंड कर अपने गांव सिवाना लौटते वक्त पत्नी और बेटा रतलाम के समीप सालाखेड़ी में बस से लापता हो गए थे।
पत्नी रजा कॉलोनी में इलियास के साथ रहने लगी
जांच के दौरान पता चला कि पत्नी इंदौर में खजराना की रजा कॉलोनी में इलियास के साथ रह रही है। यहां उसने व्यापारी महेश नाहटा के बेटे का खतना करा दिया है। इलियास ने खुद को बच्चे का पिता बताकर नाम और जन्म प्रमाण पत्र भी बदलवा दिए। ये सभी फर्जी प्रमाणपत्र जफर ने बनाए। जबरन मासूम बेटे का मजहबी स्कूल में एडमिशन करा दिया। इसी दौरान महेश ने पुख्ता सूचना मिलने पर इंदौर पुलिस को बताया था कि इलियास के साथ और भी कई लोग हैं, जो हिंदू लड़कियों और महिलाओं के साथ उनके बच्चों का भी जबरन धर्मांतरण कराते हैं। इलियास का चचेरा भाई सरफराज और एक अन्य रिश्तेदार सईद हाफिज अहमद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सक्रिय सदस्य हैं। वे दोनों जेल भी जा चुके हैं।
शातिर इलियास ने 5 लाख की डिमांड की
शातिर अभियुक्त इलियास ने व्यापारी नाहटा को मोबाइल पर कुछ माह पूर्व कॉल किया। धमकी देते हुए कहा कि पत्नी और बेटे को सही सलामत चाहते हो तो पांच लाख रुपए दे दो और दोनों को ले जाओ। व्यापारी नाहटा ने डेढ़ लाख रुपए देने की बात कही तो इलियास तैयार भी हो गया था। उसके बाद उसने व्यापारी को कोई कॉल नहीं किया। उक्त 5 लाख रुपए की अवैध मांग के मामले में भी व्यापारी नाहटा ने बाड़मेर के सिवान थाने में इलियास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा रखी है। इसके अलावा व्यापारी नाहटा ने शाजापुर कोर्ट में पत्नी प्रार्थना के खिलाफ तलाक की अर्जी भी दी है।
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