
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। जादू-टोना और तांत्रिक क्रियाओं में तीन वर्षीय मासूम बालक और उसके पिता की नृशंस हत्या (Father and son murdered) के पांच वर्ष पुराने बहुचर्चित मामले में रतलाम कोर्ट (Ratlam Court) ने सख्त सजा सुनाई है। मजिस्ट्रेट राजेश नामदेव ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए दोहरे-दोहरे आजीवन कारावास एवं विभिन्न धाराओं में कुल 10-10 वर्ष का कठोर कारावास तथा 1 लाख 11 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
इन आरोपियों को सुनाई गई सजा

रतलाम कोर्ट (Ratlam Court) ने तुलसीबाई (45 वर्ष) पति राधेश्याम पलासिया, बेटी माया (24 वर्ष) पिता राधेश्याम पलासिया और भतीजा राहुल (27 वर्ष) पिता ईश्वरलाल पलासिया निवासी धराड़ को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 342, 450, 323 और 302 के तहत दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।
जादू-टोना के नाम पर रची गई साजिश
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि घटना 20 फरवरी 2021 की है। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम ठिकरिया में आरोपियों ने जादू-टोना और तांत्रिक क्रियाओं के बहाने आपसी षड्यंत्र रचकर राजाराम खराड़ी और उनके तीन वर्षीय पुत्र आदर्श के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे दोनों की मृत्यु (Father and son murdered) हो गई थी।
घटनास्थल का भयावह मंजर
तत्कालीन थाना प्रभारी आरएस भाबोर के अनुसार सूचना मिलने पर पुलिस दल जब घटनास्थल पहुंचा तो मकान के अंदर से चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर कमरे में नींबू, सिंदूर, अगरबत्ती, परात, लोटा, लकड़ी की मुसली और तांत्रिक सामग्री बिखरी मिली। मौके पर मासूम आदर्श अर्धमूर्छित अवस्था में पाया गया, जिसे तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं उसके पिता राजाराम की भी पहले ही मौत हो चुकी थी। घटना के दौरान थावरीबाई, सीमाबाई, माला खदेड़ा और 6 वर्षीय बच्ची निकिता के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
वैज्ञानिक साक्ष्यों ने मजबूत किया केस

जांच के दौरान आरोपियों से जप्त तलवार, लकड़ी और कपड़े को फॉरेंसिक जांच के लिए भोपाल भेजा गया। रिपोर्ट में आरोपी माया की तलवार और राहुल के कपड़ों पर मृतक आदर्श का खून पाए जाने की पुष्टि हुई, जिससे अभियोजन का पक्ष मजबूत हुआ। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 25 गवाहों के बयान और 85 महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया। इस मामले में दो आरोपी विक्रम खराड़ी (33 वर्ष) और सागर खराड़ी (27 वर्ष) को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।
2021 से जेल में बंद हैं दोषी, नहीं मिली जमानत
मासूम बेटे और पिता की नृशंस हत्या (Father and son murdered) में शामिल आरोपियों को कोर्ट से गिरफ्तारी के बाद किसी भी तरह की राहत नहीं मिली है। दोषी अभियुक्त तुलसीबाई, माया और राहुल घटना के बाद से ही 22 फरवरी 2021 से न्यायिक अभिरक्षा जेल में हैं।
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