
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) में नाबालिग किशोरी को बहाने से अपने घर बुलाकर दुष्कर्म करने के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दुष्कर्म के चलते पीड़िता गर्भवती हो गई थी। यह फैसला विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा ने सुनाया।

रतलाम कोर्ट (Ratlam Court) के प्रभारी सहायक निदेशक एवं अभियोजन अधिकारी योगेश कुमार तिवारी ने बताया कि पीड़िता ने 2 नवंबर 2022 को औद्योगिक क्षेत्र थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता आरोपी अजीम उर्फ राजू (25) पिता राजा मंसूरी, निवासी प्रौढ़ शिक्षा गारंटी स्कूल के पीछे, डीजल शेड क्षेत्र को करीब 9 माह से जानती थी। पीड़िता ने Ratlam Court में बताया कि उसके परिवार के सभी सदस्य मजदूरी के लिए रोज बाहर जाते थे। 28 फरवरी 2022 को वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी उसके घर आया और यह कहकर अपने घर ले गया कि उसकी मां उसे बुला रही है।
धोखे से घर ले जाकर किया दुष्कर्म
पीड़िता के अनुसार आरोपी के घर पहुंचने पर उसकी मां मौजूद नहीं थी। आरोपी ने यह कहकर कि वह दुकान गई है, पीड़िता को घर में रोके रखा और फिर उसे पसंद करने की बात कहकर दूसरे कमरे में ले गया। वहां उसने पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया और घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने व बदनाम करने की धमकी दी।
23 बार बुलाकर किया शोषण
पीड़िता ने Ratlam Court में बताया कि आरोपी अपने भाई के माध्यम से भी उसे घर बुलवाता था। कई बार उसका भाई पीड़िता को आरोपी के पास छोड़कर बाहर से दरवाजा बंद कर देता था। इस तरह आरोपी ने पीड़िता के साथ लगभग 23 बार डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया।
गर्भवती होने पर हुआ खुलासा
जब पीड़िता का पेट बढ़ने लगा तो उसकी बड़ी बहन ने अस्पताल में उसकी जांच करवाई, जहां गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पीड़िता ने पूरी घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
डीएनए रिपोर्ट बनी निर्णायक सबूत
मामले की जांच के दौरान कराई गई डीएनए जांच रिपोर्ट में यह सिद्ध हुआ कि आरोपी ही पीड़िता के बच्चे का पिता है। इसी आधार पर Ratlam Court ने आरोपी को दुष्कर्म का दोषी पाया।
जुर्माने के साथ सख्त सजा
Ratlam Court ने आरोपी अजीम को 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। शासन की ओर से मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक गौतम परमार ने की।
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