
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। जगत वल्लभ जैन दिवाकर प.पू. गुरुदेव श्री चौथमलजी म.सा. एवं आचार्य सम्राट डॉ. शिवमुनिजी म.सा. की आज्ञानुवर्तिनी, परम पूज्या कमलावती म.सा. की सुशिष्या तप चक्रेश्वरी एवं आयंबिल तप आराधिका अरुणप्रभाजी म.सा., महासती गुरुकीर्ति म.सा., गुरुनिधि म.सा., अरुणकीर्ति म.सा. आदि ठाणा-4 के सान्निध्य में जैन दिवाकर स्मारक पर आयोजित 10 दिवसीय ‘श्री जैन दिवाकर लर्न एंड टर्न शिविर’ का समापन हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। शिविर का आयोजन पगारिया परिवार, नागपुर के सौजन्य से किया गया।

समापन अवसर पर अनुष्ठान आराधिका एवं ज्योतिष चंद्रिका शासन प्रभाविका साध्वी डॉ. कुमुदलता म.सा., डॉ. महाप्रज्ञाजी म.सा., डॉ. पदमकीर्ति म.सा., राजकीर्ति म.सा. आदि ठाणा-4 का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ।

संस्कारों से मजबूत होगी नई पीढ़ी
धर्मसभा को संबोधित करते हुए डॉ. कुमुदलता म.सा. ने शिविर के सफल संचालन के लिए पूरी आयोजन समिति को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि रतलाम (Ratlam) की धरती अत्यंत पावन और धन्य है, क्योंकि यह उनकी गुरुणी मां मालवसिंहनी कमलावती म.सा. की जन्मस्थली होने के साथ वरिष्ठ गुरु भगवंतों की कर्मभूमि भी रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कारवान बनाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि संस्कारयुक्त पीढ़ी ही देश और समाज की प्रगति का आधार बनती है। शिविर के माध्यम से गुरुणी बहन अरुणप्रज्ञाजी द्वारा बच्चों में संस्कार निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की। साथ ही भीषण गर्मी में भी अपने बच्चों को दस दिन तक शिविर में भेजने वाले अभिभावकों की अनुमोदना की।
युवा शक्ति को धर्म से जोड़ना जरूरी
इस अवसर पर महासती गुरुकीर्ति म.सा. ने कहा कि बच्चे फूल के समान होते हैं, जिन्हें सही मार्गदर्शन और संस्कारों से निखारना पड़ता है। समाज सुधार की सबसे बड़ी आशा युवा पीढ़ी है, इसलिए उन्हें धर्म और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस शिविर की शुरुआत वर्ष 2023 में संघरत्न इंदरमल जैन के सहयोग से रतलाम में हुई थी, जो अब प्रतिवर्ष निरंतर आयोजित किया जा रहा है। इसके सफल संचालन के लिए शिविर समिति एवं लाभार्थियों के योगदान की उन्होंने सराहना की।
धार्मिक चेतना और एकता का प्रतीक बना शिविर

कार्यक्रम में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ अध्यक्ष अजय खिमेसरा ने कहा कि रतलाम से प्रारंभ हुआ यह शिविर आज सफलता की नई मिसाल बन चुका है, जिसके लिए सभी सहयोगी बधाई के पात्र हैं। संघ गौरव महेन्द्र बोथरा ने कहा कि पूज्य गुरु भगवंतों का आशीर्वाद सदैव रतलाम श्रीसंघ पर बना रहा है। यहां का समाज धार्मिक जप, तप और साधना में अग्रणी रहा है तथा एकता और समन्वय के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।
लाभार्थियों, समिति और प्रतिभागियों का सम्मान
श्रीसंघ मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना ने बताया कि धर्मसभा को संघरत्न इंदरमल जैन, नवयुवक मंडल अध्यक्ष आशीष कटारिया, विनोद बाफना, प्रियांसी कटारिया, अमित जैन (चंद्रपुर) सहित कई गुरुभक्तों ने संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी पगारिया परिवार, नागपुर, वीर माता-पिता, संचालन समिति, जैन दिवाकर महिला मंडल, जैन दिवाकर बालिका मंडल, जैन बालक मंडल तथा शिविर में सहभागी बच्चों का श्रीसंघ रतलाम द्वारा सम्मान किया गया।
इनकी रही उल्लेखनीय उपस्थिति
समापन समारोह में जैन दिवाकर संगठन समिति महामंत्री राकेश मेहता, प्रवक्ता जयंतीलाल डांगी, सुभाष टुकड़िया, मणिलाल कटारिया, सुरेश कटारिया, ललित पटवा, प्रेमकुमार जैन मोगरा, विनोद कटारिया, अमृत कटारिया, वीरेंद्र कटारिया, अरिहंत बोराना, विपिन कटारिया, संजय मेहता, रितेश मूणत, विकास कटारिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन, महिला मंडल सदस्य एवं युवा उपस्थित रहे।
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