
रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। लॉ एंड ऑर्डर बिगाडऩा है तो क्लियर कर लो, शांति से प्लाजा चल रहा है। चलने दो। फोकट उंगली मत करो। भागते फिरोगे एसपी व टीआई के पास। यहां तेरी नेतागीरी नहीं चलेगी। ज्यादा होशियारी सूझेगी तो उलटा कर टांग दूंगा।
यह धमकी रतलाम में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के आईटी सेल प्रभारी शुभम गुर्जर ने चिकलिया फोरलेन टोल नाके के मैनेजर अरिजीत दास गुप्ता को दी थी। इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग वंदेमातम् न्यूज के पास मौजूद है। मामले में अब रतलाम (Ratlam) जिले के बिलपांक पुलिस ने टोल प्लाजा मैनेजर अरिजीत दासगुप्ता की शिकायत पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के आईटी सेल प्रभारी शुभम गुर्जर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी भारतीय जनता युवा मोर्चा के आईटी सेल प्रभारी शुभम गुर्जर के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 (ए) और 351 (2) में मुकदमा दर्ज किया है। इधर भारतीय जनता युवा मोर्चा के आईटी सेल प्रभारी शुभम गुर्जर के खिलाफ शिकायत के दो दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर के मामले में भाजपा के पदाधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

एसपी से लेकर थाने पर पहुंची थी शिकायत
मामले में मैनेजर दासगुप्ता ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के आईटी सेल प्रभारी शुभम गुर्जर को आदतन अपराधी बताते हुए अपने और स्टाफ के साथ गाली-गलौज करने, कानून व्यवस्था बिगाडऩे की धमकी देने तथा सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने को लेकर रतलाम एसपी अमित कुमार व टोल प्लाजा संबंधित थाना क्षेत्र बिलपांक में शिकायत दो दिन पूर्व की थी। इसके साथ ही धमकाने वाला ऑडियो भी साक्ष्य बतौर प्रस्तुत किया था।
टोल मैनेजर दासगुप्ता और आरोपी गुर्जर के बीच बातचीत के प्रमुख अंश
गुर्जर – नमस्ते
टोल मैनेजर- जी भाई, नमस्कार।
गुर्जर – सोनवीर जी को जम नहीं रहा क्या, टोल अच्छे से चल रहा है तो।
टोल मैनेजर – नहीं, ऐसा तो नहीं है। क्या हो गया? मैं तो यहीं पर बैठा हूं।
गुर्जर- नहीं समझ आ रहा है तो पूछ लो यार। आपके लडक़े हर गाड़ी रोक कर बहस कर रहे हैं। यह अच्छ बात नहीं है।
टोल मैनेजर – नहीं, हर गाड़ी नहीं।
गुर्जर – मेरी बात सुन लो, नियम कायदे की बात है न तो हजार पॉइंट हैं मेरे पास। इतनी शिकायतें होंगी कि घर आओगे शिकायत कटवाने। सारी शिकायतें यहीं हैं। तुम और सोनवीर साहब ज्यादा नियम कायदे (गाली देते हुए) बता रहे हैं नहीं तो मुझे एक हजार नियम कायदे आते हैं।
टोल मैनेजर – हर गाड़ी को रोककर नहीं, खाली।
गुर्जर – बहस कर रहे हो यार। सोनवीर साहब ने बोला है। सोनवीर साहब को लडऩा है तो बता दो। हम आ जाते हैं, लड़ लो (गाली देते हुए)। टोल चला लो या फिर कुश्ती लड़ लो।
टोल मैनेजर – शुभम जी आप समझ नहीं पा रहे हैं। आपकी जो गाडिय़ां हैं वो तो जा ही रही हैं न।
गुर्जर – आप नहीं समझ रहे हैं। दिनभर थोड़ी न बात करूंगा। (गालियां देते हुए) आप लोगों का 50 लाख कलेक्शन से भी पेट नहीं भरा तो हम लोकल वालों को खा जाओ।
टोल मैनेजर – अरे साहब! आप क्यों गुस्सा हो रहे हो।
गुर्जर – सुबह से शाम तक हम परेशान हो रहे हैं।
टोल मैनेजर – जिन गाडिय़ों को आप नहीं जानते, वो भी आपका नाम ले रहे हैं।
गुर्जर – मैं कह रहा हूं गुप्ता जी फिर भागते फिरोगे एसपी और टीआई के पास। सोनवीर को कह दो, एक घंटे में मैं वहां आ रहा हूं। (गाली देते हुए) लड़ ले फिर। मैं बताता हूं टोल प्लाजा कैसे चलेगा। फोकट की नेतागीरी। जो आता है नया चाबुक लेकर बैठ जाता है, साहब बनने के लिए यहां पर।
टोल मैनेजर – मैं कहां चाबुक लेकर बैठा हूं।
गुर्जर – हमारी (गाली देते हुए) लोकल लोगों की जमीनें खा गए। हमारे लोग 50-50 लाख का कलेक्शन करके दे रहे हैं। बता देना सोनवीर साहब को उलटा कर भेजूंगा यहां से। जाएगा एसपी और टीआई के पास भागता हुआ। (गाली देते हुए) लडऩा है तो बता दे फिर आता हूं मैं उधर।
टोल मैनेजर – ठीक है। मैं बोलता हूं, उन्हें।
गुर्जर – शांति से प्लाजा चल रहा है तो चलने दो। फोकट उंगली मत करो। हमारे गांव में आकर हमें नेतागीरी सिखाएगा क्या वो सोनवीर। बता देना कुलदीप के पास जा नेतागीरी करने आगरा। यहां तेरी नेतागीरी नहीं चलेगी। टांग दूंगा उलटा ज्यादा होशियारी सूझेगी तो।
टोल मैनेजर – ठीक है, मैं बात करता हूं।
गुर्जर – बता देना सोनवीर को बुलाना है क्या। बोलना- बुलाना है तो बताओ। फिर आता हूं मैं अपने हिसाब से। परेशान कर दिया- सुबह से शाम तक। सोनवीर-सोनवीर सुनकर। तुम्हारा ही टोल है, (गाली देते हुए) दुनियाभर में तुम्हें ही सबसे ज्यादा घाटा हो रहा है। तुम्हारे पास इमरजेंसी लाइन नहीं है। बाइक के लिए अलग लाइन नहीं है। लोगों को परेशान करने के लिए। उंगली करने के लिए। मैं आता हूं फिर तुम्हारा एक बंदा प्लाजा पर बैठकर दिखा दे।
टोल मैनेजर – ठीक है। आपको लगे बात करना है तो बता दीजिएगा।
गुर्जर – लॉ एंड ऑर्डर बिगाडऩा है क्या तो क्लियर कर लो, हां लॉ एंड ऑर्डर बिगाडऩा है। (गाली देते हुए) तुमको ही है, मेरा कुछ नहीं होगा। मैं हाथ नहीं जोडूंगा। नहीं समझ आ रही तो फिर मैं समझा दूंगा।
18 मई को कॉल कर धमकाया
शिकायत में बताया गया है। मैं अरिजीत दास गुप्ता, चिकल्या टोल प्लाजा पर टोल मैनेजर हूं। 18 मई की दोपहर लगभग 3.05 बजे मेरे मोबाइल नंबर पर आरोपी शुभम गुर्जर (मोबाइल नंबर +++++44477) का फोन आया। उसने अत्यंत आक्रामक लहजे में टोल प्लाजा से उसके नाम पर बिना किसी वैधानिक शुल्क के गाडय़िां निकालने का दबाव बनाया। जब मैंने स्पष्ट नियमों का हवाला देते हुए समझाने का प्रयास किया, तब शुभम गुर्जर ने मुझे तथा हमारे हेड ऑफिस से आए सोनवीर सर को गालियां दीं। आरोपी ने फोन पर ही गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए कहा- वह एक घंटे में टोल पर आकर हमें देख लेगा। इससे टोल स्टाफ में भय का माहौल व्याप्त है।
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