


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) जिले के ग्राम चिकलाना निवासी संजय पिता देवीलाल धाकड़ की शिकायत पर एसपी अमित कुमार ने कालुखेड़ा थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक महेन्द्र फतरोड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रधान आरक्षक महेंद्र फतरोड़ पर प्रकरण दर्ज करने के नाम पर 15 हजार रुपये लेने का गंभीर आरोप लगा है। मामले की गंभीरता पर रतलाम एसपी कुमार ने प्रधान आरक्षक महेन्द्र फतरोड़ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। कालूखेड़ा थाने पर पदस्थापना से पूर्व स्टेशन रोड थाने में भी प्रधान आरक्षक महेन्द्र फतरोड़ की कार्यप्रणाली सवालों से घिरी हुई थी। अवैध वसूली के मामले में इसे यहां भी लाइन अटैच किया गया था।



घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता संजय ने बताया कि उसकी पत्नी का भाभी एवं मां के साथ विवाद हुआ था। इसके बाद 19 जुलाई 2026 की रात करीब 9 बजे घनश्याम एवं अरुण पिता जगदीश धाकड़, निवासी ग्राम नीमन, कथित रूप से उसके घर में जबरदस्ती घुस आए थे। शिकायत के अनुसार दोनों ने संजय, उसके पिता, पुत्र और भाभी के साथ मारपीट एवं छीना-झपटी की तथा जान से मारने की धमकी दी थी। आरोप है कि दोनों उसकी पत्नी को अपने साथ जबरन ले गए थे।



थाना कालुखेड़ा में दिया था आवेदन
घटना के बाद संजय ने मामले की शिकायत थाना कालुखेड़ा में की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वहां पदस्थ प्रधान आरक्षक महेन्द्र फतरोड़ ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की बात कही और इसके एवज में 15 हजार रुपये की मांग की थी।
रुपये लेने के बाद भी नहीं की कार्रवाई
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने प्रधान आरक्षक महेन्द्र फतरोड़ को 15 हजार रुपये दिए, लेकिन इसके बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इसके उलट संजय, उसकी मां और पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी थी। शिकायतकर्ता ने इसी को लेकर प्रधान आरक्षक महेंद्र फतरोड़ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
गंभीर आरोप के चलते तत्काल एक्शन
रतलाम SP अमित कुमार ने शिकायत में प्रधान आरक्षक महेन्द्र फतरोड़ के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी किए। सस्पेंड अवधि में प्रधान आरक्षक महेन्द्र फतरोड़ का मुख्यालय रक्षित केंद्र रतलाम रहेगा। आदेश के अनुसार उसे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
एसपी की कार्रवाई से पुलिस विभाग में भी हलचल
रिश्वत मांगने और पुलिस कार्रवाई में पक्षपात के आरोपों के बीच प्रधान आरक्षक के निलंबन की कार्रवाई को विभाग में गंभीरता से देखा जा रहा है। मामले में शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद सस्पेंड पुलिसकर्मी महेन्द्र फतरोड़ के खिलाफ बर्खास्तगी जैसी बड़ी कार्रवाई भी संभावित है।

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