


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र में 13 अगस्त 2026 की रात बस में सराफा व्यापारी से हुई करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं। पुलिस के अनुसार वारदात का मास्टरमाइंड व्यापारी का कर्मचारी रोहित नायक निकला, जिसने लूट की साजिश रची थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने इससे पहले भी इसी तरह की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया था।



रविवार को अतिरिक्त पुलिस महादिशेक राकेश गुप्ता ने मामले का प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रतलाम में खुलासा किया । गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से सोने के 238 नग जेवरात, वजन 4.167 किलोग्राम तथा चांदी के 183 नग जेवरात, वजन 4.047 किलोग्राम डिब्बों सहित बरामद किए हैं। बरामद सोने की कीमत करीब 5.32 करोड़ और चांदी की कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है।



व्यापारी को बस में बनाया था निशाना

सराफा व्यापारी अर्पित पिता ललित कुमार चोरड़िया, निवासी जैन कॉलोनी रतलाम में गणेश मार्केट-चांदनी चौक में सोने-चांदी के आभूषणों का कारोबार करते हैं। वे बड़नगर के व्यापारियों के साथ भी व्यापार करते हैं। 13 अगस्त 2026 को वे बड़नगर में व्यापारिक कार्य से गए थे और विभिन्न व्यापारियों को आभूषण बेचने के बाद रात करीब 8.20 बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए। रात करीब 9.15 से 9.30 बजे के बीच बस हनुमान चौकी, उमरथाना फंटा क्षेत्र में पहुंची। इसी दौरान बड़नगर से बस में सवार दो आरोपी व्यापारी के पास पहुंचे और उसका बैग छीनने का प्रयास किया। व्यापारी ने विरोध करते हुए बैग पकड़ लिया और शोर मचाया। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और बैग छीनकर सभी पांच आरोपी मौके से फरार हो गए। बैग में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और जरूरी दस्तावेज रखे थे।
कर्मचारी ने रची थी लूट की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने व्यापारी की गतिविधियों और आभूषणों के संबंध में अंदरूनी जानकारी जुटाई थी। पुलिस के मुताबिक व्यापारी का कर्मचारी रोहित नायक इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड था। उसने व्यापारी के बड़नगर जाने और उसके पास आभूषण होने की जानकारी के आधार पर लूट की योजना तैयार की और अन्य आरोपियों को इसमें शामिल किया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों द्वारा पूर्व में भी इसी तरह की वारदात का प्रयास किए जाने के सुराग मिले हैं। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि इससे पहले की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी भूमिका क्या थी।
300 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले
घटना के बाद पुलिस ने बड़नगर से लेकर घटनास्थल और रतलाम की ओर आने वाले विभिन्न मार्गों पर लगे 300 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फरियादी के साथ बस चालक, परिचालक और क्लीनर के बयान लिए गए। घटनास्थल और आसपास से भौतिक साक्ष्य भी जुटाए गए। साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल इनपुट का विश्लेषण करते हुए संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी पुलिसिंग से मिले इनपुट को आपस में जोड़कर पुलिस संदिग्धों तक पहुंची।
हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र से छह आरोपी पकड़े
15 अगस्त 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में शामिल आरोपी हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और लूटा गया सामान भी उनके पास है। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर छह संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
सनसनी वारदात के ये छह आरोपी गिरफ्तार
1) राहुल पिता सोदान गुर्जर, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम ऊनी, थाना बिलपांक, जिला रतलाम।
2) अभिजीत उर्फ अभय पिता दिनेश गुर्जर, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम ऊनी, जिला रतलाम।
3) यशवंत पिता कैलाश गुर्जर, उम्र 28 वर्ष, निवासी बालागंज बरगुण्डा गली, मंदसौर।
4) राहुल उर्फ वीर गुर्जर पिता सुरेश गुर्जर, उम्र 25 वर्ष, निवासी दिलीपनगर, रतलाम।
5) रवि उर्फ बबला गुर्जर पिता देवीसिंह गुर्जर, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम जमुनिया, जिला रतलाम।
6) मोहम्मद उमर उर्फ पप्पु पिता इमाम बख्श, उम्र 42 वर्ष, निवासी आनंद कॉलोनी, रतलाम।
दो आरोपी अभी भी फरार
पुलिस के अनुसार वारदात में शामिल रोहित नायक निवासी रामरहिम नगर, रतलाम और गौरव गुर्जर निवासी हरसोला, इंदौर फिलहाल फरार हैं। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है।
5.5 करोड़ का माल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से— सोने के 238 नग जेवरात, वजन 4.167 किलोग्राम, डिब्बों सहित कीमत करीब 5.32 करोड़ रुपये और चांदी के 183 नग जेवरात, वजन 4.047 किलोग्राम, डिब्बों सहित कीमत करीब 9 लाख रुपये। कुल बरामद मशरूका की अनुमानित कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बनीं विशेष टीमें
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक (उज्जैन जोन) राकेश गुप्ता के निर्देशन में, पुलिस उप महानिरीक्षक रतलाम रेंज निमिष अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने CCTV विश्लेषण, साइबर तकनीकी जांच, भौतिक साक्ष्य और मैदानी सूचना तंत्र को एक साथ जोड़कर आरोपियों की पहचान की। इस चुनौतीपूर्ण मामले में सराहनीय कार्य करने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।

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