


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। रतलाम (Ratlam) जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र के इमलीपाड़ा में गोबर और कचरा डालने की जगह पर पत्थर जमाने को लेकर हुए विवाद में बुजुर्ग की हत्या के मामले में कोर्ट ने तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता तिवारी ने आरोपी कांतिलाल पिता बाबूलाल भाभर, उसके भाइयों कैलाश और शांतिलाल सभी निवासी इमलीपाड़ा (बिलपांक) को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। तीनों पर जुर्माना भी लगाया गया है।



आरोपियों ने किया था पथराव
अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना के अनुसार, 24 जून 2023 को बिलपांक थाने में राजेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसके घर के पास गोबर और कचरा डालने की जगह है। वहां कांतिलाल, उसकी मां और पत्नी ने पत्थर जमा कर दिए थे। राजेश की मां लीलाबाई ने इसका विरोध किया, जिसके बाद कांतिलाल से विवाद हो गया। बाद में मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के लोग एकत्र हुए। इसी दौरान कांतिलाल का भाई शांतिलाल अपनी पत्नी के साथ वहां से जाने लगा। राजेश के पिता मगन ने उसे पंचायत के लिए रुकने को कहा। इस बात पर शांतिलाल ने जमीन को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए धमकी दी।



तीनों भाइयों पर पत्थर मारने का आरोप
विवाद बढ़ने पर शांतिलाल के भाई कांतिलाल और कैलाश भी गाली-गलौज करने लगे और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। अभियोजन के अनुसार, कांतिलाल और कैलाश ने मगन पर पत्थर फेंके। इस दौरान राजेश के भाई तेजाराम को भी पत्थर लगने से चोट आई। घटना के बाद आरोपी मौके से भाग गए थे।
इलाज के दौरान मगन ने तोड़ा दम
पत्थर लगने से गंभीर रूप से घायल मगन को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से मिले खून लगे पत्थरों को जांच के लिए भेजा था। जांच में मिले रक्त के नमूनों का मिलान भी कराया गया।
फैसला सुनाते ही तीनों को जेल भेजा
मामले में कांतिलाल और कैलाश गिरफ्तारी के बाद से जेल में थे, जबकि शांतिलाल जमानत पर बाहर था। अदालत का फैसला आने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। मामले में अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने तीनों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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