


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) के एक सराफा व्यापारी से चलती बस में करोड़ों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण लूटने के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे 8वें आरोपी गौरव गुर्जर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वारदात में शामिल बदमाशों को पनाह दी थी और पुलिस से लगातार बचता रहा। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर 502 ग्राम सोने के जेवर और 1 किलो 270 ग्राम चांदी के जेवर बरामद किए हैं। बरामद आभूषणों की कीमत करीब 80 लाख रुपए बताई गई है।



पहले 7 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
मामले में पुलिस पहले 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके कब्जे से 4.167 किलो सोने के 238 जेवर और 4.047 किलो चांदी के 183 जेवर बरामद किए गए थे। इनकी कुल कीमत करीब 5.70 करोड़ रुपए आंकी गई थी। अब 8वें आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके हिस्से में आए जेवर भी बरामद कर लिए हैं।



पनाह देने के बदले में मिला था लूट का हिस्सा
पुलिस के मुताबिक, हरसौला, इंदौर निवासी गौरव गुर्जर ने लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को अपने यहां पनाह दी थी। इसके बदले उसे लूटे गए सोने में हिस्सा दिया गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 502 ग्राम सोने और 1 किलो 270 ग्राम चांदी के जेवर बरामद किए हैं। शनिवार सुबह पुलिस ने गौरव को गिरफ्तार किया। दोपहर में एएसपी राकेश पंद्रों और बिलपांक थाना प्रभारी अयूब खान ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी।
13 अगस्त की रात हुई थी व्यापारी से लूट
वारदात 13 अगस्त 2026 की रात बिलपांक थाना क्षेत्र में हुई थी। रतलाम की जैन कॉलोनी निवासी सराफा व्यापारी अर्पित पिता ललित कुमार चोरड़िया बड़नगर से कारोबार कर बस से रतलाम लौट रहे थे। रात करीब 9:15 से 9:30 बजे के बीच हनुमान चौकी, उमरथाना फंटा क्षेत्र में बदमाशों ने बस में व्यापारी के साथ मारपीट की और जेवरों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। शिकायत मिलने के बाद बिलपांक थाना पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने मामले में डकैती और आपराधिक साजिश की धाराएं भी जोड़ी थीं।
कर्मचारी निकला साजिश का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात की साजिश व्यापारी की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी रोहित नायक ने रची थी। उसे व्यापारी के आने-जाने, रास्ते और उसके पास रहने वाले सोने की मात्रा की जानकारी थी। उसने यह जानकारी अपने साथी अभिजीत उर्फ अभय को दी। इसके बाद आरोपियों ने करीब डेढ़ महीने तक व्यापारी की रैकी की। व्यापारी के रूट और जेवर ले जाने की जानकारी जुटाने के बाद आरोपियों ने 13 अगस्त 2026 की रात बस में वारदात को अंजाम दिया था।

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