


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। जमीन विवाद को लेकर तलवार, लोहे के सरिये और लाठियों से जानलेवा हमला करने के मामले में रतलाम (Ratlam) की अदालत ने 5 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 7-7 साल के कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने सुनाया।



दोषियों में लोचीताय निवासी बाबू (55) पिता गिरधारी भाभर, झरखेड़ी निवासी नानालाल उर्फ नानजी (45) पिता वागुजी देवदा और देवराम (63) पिता नगजी मईड़ा के अलावा कुंडीपाड़ा निवासी चम्पालाल (45) पिता नानूराम भूरिया तथा उसका भाई राधेश्याम (36) शामिल हैं।



14 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि घटना 23 अक्टूबर 2019 की है। कुंडीपाड़ा में जमीन विवाद को लेकर पांचों आरोपियों ने धूलीबाई के घर के बाहर उसकी बेटी सुभद्रा और दामाद नरसिंग पर तलवार, लोहे के सरिये और लाठियों से हमला कर दिया था। बीच-बचाव करने पहुंची धूलीबाई के साथ भी मारपीट की गई थी। जानकारी के अनुसार, फरियादी धूलीबाई के पति सोना ने दो विवाह किए थे और धूलीबाई उनकी दूसरी पत्नी थीं। आरोपी सोना की पहली पत्नी लीलाबाई के रिश्तेदार बताए गए हैं। सोना के नाम की करीब 14 बीघा जमीन पर खेती करने और उसे बोने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।
सिर में गंभीर चोट से हुआ था ब्रेन हेमरेज
हमले में नरसिंग को सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके कारण उसके मस्तिष्क में बड़ा हेमरेज हो गया था। हालत गंभीर होने पर उसका ऑपरेशन कराना पड़ा। वहीं, सुभद्रा के हाथ में फ्रैक्चर पाया गया था। पुलिस ने घटनास्थल से खून लगा टॉवेल और गोदड़ी जब्त की थी। मामले में जब्त हथियारों की जांच रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट भी अभियोजन पक्ष के समर्थन में रही।
बाबू भाभर पर आर्म्स एक्ट का अपराध भी सिद्ध
सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें 7-7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। मामले में बाबू भाभर के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अपराध भी सिद्ध पाया गया।

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