


रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज। मध्य प्रदेश के रतलाम (Ratlam) शहर के मोचीपुरा चौराहा क्षेत्र में स्कूली बच्चों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का सशक्त संदेश दिया। नशा मुक्ति अभियान के माध्यम से बच्चों ने समाज को नशे के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया और युवाओं से शिक्षा, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों की ओर बढ़ने का आह्वान किया।



कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करना तथा बच्चों और युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। बच्चों ने अपने संबोधन और संदेशों के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान पर प्रकाश डाला। उन्होंने नशे के कारण होने वाली विभिन्न बीमारियों और बच्चों एवं युवाओं के भविष्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति उपस्थित लोगों को जागरूक किया।



“नशे को ना, किताब को हाँ” का दिया संदेश
बच्चों ने प्रभावी संदेश देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में अपना समय लगाना चाहिए। कार्यक्रम में बार-बार यह संदेश गूंजा कि “नशे को ना, किताब को हाँ” तथा “बच्चों के हाथ में किताब हो, नशे की कोई चीज नहीं।” बच्चों के संदेशों ने उपस्थित समाजजनों को भावुक और प्रेरित किया तथा सभी ने बच्चों के बेहतर भविष्य और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शहर काजी सहित नागरिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शहर काजी अहमद अली, अंजुमन सदर इब्राहिम शेरानी, यास्मीन शेरानी, फैयाज मंसूरी, कांग्रेस पार्षद सलीम, इलियास रहमानी सहित समाज के अनेक नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट जुबेर खान बरकाती ने किया।
निरंतर अभियान चलाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाजजनों ने नशे के खिलाफ निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाने और समाज के बच्चों एवं युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।इस अवसर पर मस्जिद चिंगीपुरा के इमाम मौलाना नदीम साहब का सम्मान भी किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति, परिवार या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को एकजुट होकर इस बुराई के खिलाफ खड़ा होना होगा। शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण के माध्यम से ही युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखा जा सकता है।
ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में डीजे प्रतिबंधित रखने का निर्णय
कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं धार्मिक संकल्प भी लिया गया। उपस्थित समाजजनों ने निर्णय लिया कि अगले वर्ष ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकलने वाले जुलूस में डीजे को पूर्णतः प्रतिबंधित रखा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना तथा बच्चों एवं युवाओं को सकारात्मक, अनुशासित और संस्कारयुक्त वातावरण प्रदान करना है। समाजजनों ने इस निर्णय को सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से हुआ आयोजन
नशा मुक्ति अभियान का आयोजन युसरा एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी, रतलाम, बरकाती ग्रुप एवं टीम APCR के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। आयोजकों ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब परिवार, समाज, धार्मिक संस्थाएं और सामाजिक संगठन मिलकर बच्चों एवं युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें। कार्यक्रम का समापन शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और नशामुक्त समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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