रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
लावारिस शव को दफनाने के लिए अलग से जगह नहीं मिलने पर दो दिन से औद्योगिक क्षेत्र पुलिस और नगर निगम प्रशासन का संयुक्त अमला ट्रेंचिंग ग्राउंड में लाश को तलाशने के लिए परेशान हो गया। आखिरकार गुरुवार को खुदाई के दौरान टीआई ओपी सिंह ने जेसीबी से खोदी मिट्टी को जब करीब से जाकर देखा तो लाश उसमें ही छिपी मिली। शव को ट्रेंचिंग ग्राउंड से जिला अस्पताल भेजा गया है, वहां से कागज़ी कार्रवाई करने के बाद परिजन के सुपुर्द किया जाएगा।
मालूम हो कि 9 जून को काटजूनगर में एक खंडहर में पुराना शव मिला था। शव सडऩे लगा था और उसमें कीड़े पड़ गए तो उसे उसी दिन जुलवानिया ट्रेंचिंग ग्राउंड में दफना दिया था। मंगलवार को राजीवनगर निवासी मुमताज बेटे की तलाश में औद्योगिक थाने पहुंची। थाने पर कपड़े और चप्पल देखने पर मुमताज ने बताया कि यह उसके बेटे साजिद अली के हैं। मुमताज ने शव को रीति-रिवाज से दफनाने के लिए मांगा तो पुलिस उन्हें लेकर ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंची। बुधवार शाम तक खुदाई के बाद भी दफनाए गए स्थान पर शव नहीं मिलने पर पुलिस और नगर निगम प्रशासन के लिए मामला चुनौती बन गया। तमाम अटकलों और अफवाहों के बाद गुरुवार सुबह वापस टीआई ओपी सिंह पहुंचे और बुधवार को दफनाए गए शव की लोकेशन पर खोदी मिट्टी को करीब से देखा तो मलबे में चिपका शव नजर आया।
लावारिस शव दफनाने के लिए दी जाए जमीन
शहर सहित अंचल में लावारिस शव मिलने के बाद संबंधित थाने की पुलिस के लिए उसे दफनाना और परिजन के आने के बाद शव उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है। हैरानी की बात यह है कि शासन और प्रशासन स्तर से इस मुद्दे को नजर अंदाज करने पर मजबूरी में लावारिस शव को जुलवानिया ट्रेंचिंग ग्राउंड में दफनाया जाता है। कचरों के ढेर के बीच शव दफनाने के बाद पुलिस और नगर निगम पर अमानवियत पहलू की बात सामने आकर सवाल भी खड़े होते हैं। वंदेमातरम् न्यूज की ओर से जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है कि जब करोड़ों के काम किए जा रहे हैं तो शासन को लावारिस शव के लिए उचित स्थान भी आवंटन करना चाहिए।
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