कॉन्वेंट स्कूल का मामला : एक और झाबुआ की छात्रा के हुए बयान, तीनों छात्राओं के बयानों में विभिन्नता

कॉन्वेंट स्कूल का मामला : एक और झाबुआ की छात्रा के हुए बयान, तीनों छात्राओं के बयानों में विभिन्नता

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
रतलाम के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में 17 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली ने कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी है। जिला बाल कल्याण समिति विभिन्न बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट सौंप चुकी। सूत्रों के अनुसार मृतक छात्रा अलीशान
के साथ रहने वाली तीन अन्य छात्राओं के समिति के समक्ष बयान में एकरुपता नहीं है। दो छात्राओं के बयान पूर्व में हो चुके हैं, जबकि तीसरी छात्रा के झाबुआ जाने के बाद बाल कल्याण समिति ने अब बयान दर्ज किए।
बता दें कि 9 दिसम्बर की रात सुन्दरगढ़ (ओडिसा) निवासी 17 वर्षीय अलीशान पिता लेब्रियल लोम्गा की फांसी लगाने से मौत हो गई थी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली से पत्र मिलने पर कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने बाल कल्याण समिति को अलग अलग बिंदुओं के आधार जांच प्रतिवेदन देने को कहा था। समिति की ओर से दो दिन में 5 प्रमुख बिंदुओं के आधार पर जांच कर रिपोर्ट सौंप दी गई थी। इसके बावजूद भी कार्रवाई आगे नही बढ़ पाई। इधर स्कूल और होस्टल में छात्रा के साथ रहने वाली ओडिसा, कर्नाटक की छात्रा की कॉउंसलिंग पूर्व में हो गई थी, लेकिन एक छात्रा झाबुआ अपने घर चली गई थी। छात्रा बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित हुई। सूत्रों के अनुसार स्कूल में कक्षा 12वीं के बाद नन बनाने की बात सामने आई है। साथ ही छात्रा की मौत के मामले में भी अलग-अलग बयान सामने आना गंभीर सवाल खड़े करने लगे हैं। बहरहाल कोई भी इस बारे में खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है। मृत छात्रा की फोरेंसिक रिपोर्ट आना बाकी है। ऐसे में घटना के एक माह बीतने के बाद भी छात्रा की मौत पर संशय बरकरार है।

इन 5 प्रमुख बिंदुओं पर हुई थी जांच
बाल कल्याण समिति द्वारा मुख्य 5 बिंदुओं को लेकर जांच पूरी की है। इसमें सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के जेजे एक्ट 2015 के तहत पंजीकरण की जानकारी के अलावा कान्वेंट स्कूल में निवासरत प्रत्येक बच्चे का विस्तृत विवरण जिसमें बच्चों का प्रवेश संस्था में किस प्रकार हुआ है और उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि दर्शाती रिपोर्ट तैयार करना थी। इसके अलावा घटनाक्रम के कारण भयभीत बच्चों के संबंध में स्कूल परिसर का भ्रमण कर बच्चों का कथन, यदि किसी बच्चे को मनोवैज्ञानिक परामर्श की आवश्यकता हो तो वह उपलब्ध कराकर प्रतिवेदन उपरोक्त बिंदुओं के आधार पर जांच मांगी गई थी।

फोटो – फाइल

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