26.9 C
Ratlām
Saturday, June 22, 2024

किसानों का शोषण : मंडियों में नहीं मूलभूत सुविधाएं, उपज की नीलामी मंडी में और तोली जा रही बाहर, राजस्व का चूना लगाने वाले मंडी सचिव नहीं दे पाए जवाब

रतलाम, वंदेमातरम् न्यूज।
महू रोड स्थित कृषि उपज मंडी और सैलाना बस स्टैंड स्थित सब्जी मंडी में सरकार के दावों की पोल खुल रही है। इस समय प्याज की बम्पर आवक मंडी में हो रही है, लेकिन किसानों को दी जाने वाली सुविधाएं हाशिए पर है।अधिकारियों की लापरवाही से मंडी में आने वाला किसान गन्दगी व खुले में सोने को मजबूर है। मंडी परिसर में 20 बिस्तर का शयनकक्ष मौजूद है जो कि असुविधाओं से घिरा हुआ है। जबकि सीजन में रोजाना 100 से 1000 तक किसान अपनी फसल लेकर मंडी में आते हैं। जिनके लिए मंडी में रुकने व सोने के लिए छत तक मुहैया नहीं है।

देखे वीडियो : खुले में सोने को मजबूर किसान

सूत्रों की मानें तो मंडी में जमकर काला खेल जारी है।व्यापारी और मंडी प्रशासन की मिलीभगत से लाखों रुपए के राजस्व की चपत सरकार को लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। पूरे खेल में छोटे से कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारी अपनी जेब गर्म करने में लगे है। इसमें मौजूदा सरकार के बाशिंदों को भी जमकर कमीशन पहुँचाया जा रहा है, जिसका खामियाजा किसान को सीधे-सीधे भुगतना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में मंडी सचिव एस एम मुनिया वंदेमातरम् न्यूज द्वारा किए गए सवालों के सटीक जवाब नहीं दे पाए और पूरे मामले से बचते रहे। इससे यह साफ है की मंडी की अनियमितता और अनदेखी जानबूझकर हो रही है। आपको बता दें की प्रदेशभर में कृषि मंडियों से सरकार को करोड़ो का राजस्व टैक्स के रूप में प्राप्त होता है। जिसमें जमकर काला खेल किया जा रहा है।

ऐसे होता है मंडी में काला खेल
व्यापारियों के पास लाइसेंस मंडी के नाम से बना हुआ है। प्रत्येक व्यापारी के लिए माल गोदाम भी मंडी में बने हुए है। किसान अपनी फसल लेकर मंडी आता है। जिसका नीलाम और सौदा तो मंडी में होता है, लेकिन फसल की तुलाई व्यापारियों के मंडी से बाहर बने गोदामों में की जाती है। जिससे मंडी में लेन-देन का कोई हिसाब नहीं होता और लाखों रुपए के राजस्व की चपत सीधे-सीधे सरकारी खजाने में लग रही है।

Latest news
Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Copyright Content by VM Media Network